Dispute over making Instagram reels in Surguja young man stabbed his wife to death: बलरामपुर:सरगुजा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां सोशल मीडिया की चमक-दमक और आभासी दुनिया एक बार फिर से एक परिवार की असली जिंदगी उजाड़ गई। मामला बलरामपुर जिले के थाना राजपुर अंतर्गत पुलिस चौकी बरियों क्षेत्र के ग्राम अखोराखुर्द (जवाखाड़) का है, जहां 28 वर्षीय युवक ने अपनी पत्नी की छाती में चाकू घोंपकर उसकी जान ले ली। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच इंस्टाग्राम पर रील बनाने को लेकर आए दिन विवाद होता था ।
घटना बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 की दोपहर की है। ग्राम अखोराखुर्द निवासी हिरनराम पहाड़ी कोरवा ने पुलिस चौकी बरियों में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पड़ोसी कुन्दन पहाड़ी कोरवा की पत्नी किरन की मौत हो गई है। यह खबर जैसे ही गांव में फैली, लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि 25 वर्षीय किरन अपने घर के कमरे में मृत अवस्था में पड़ी थी। उसकी छाती में गहरा घाव था और खून से बिस्तर सना हुआ था।
पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर जांच की तो आरोपी पति कुन्दन राम पिता मोतीराम (जाति पहाड़ी कोरवा) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी किरन सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम) पर नियमित रूप से रील बनाती थी, जिसका उसे विरोध था। उसने बताया कि “वह मोबाइल पर दिन-रात रील बनाती रहती थी और दूसरों से बातचीत करती थी, जिससे घर में झगड़े होते थे।”
घटना वाले दिन भी किरन अपने फोन पर एक रील बना रही थी। इस बात पर कुन्दन ने आपत्ति जताई और कहा कि अब रील बनाना बंद करो, जिससे दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, झगड़े के दौरान पत्नी ने सब्ज़ी काटने वाला चाकू हाथ में उठा लिया और पति को धमकी दी। कुन्दन ने गुस्से में पैर से धक्का मारा जिससे वह गिर गई और चाकू उसकी छाती में जा घुसा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कुन्दन का स्वभाव पहले से ही चिड़चिड़ा था और वह आए दिन अपनी पत्नी पर शक करता था। दोनों के बीच झगड़े आम बात बन चुके थे।
सोशल मीडिया बना विवाद की जड़
किरन अपने गांव में आधुनिक सोच के लिए जानी जाती थी। वह अक्सर अपने फोन से खेत, जंगल और त्योहारों के वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती थी। उसके कुछ वीडियो को गांव के युवा पसंद करते थे, जिससे कुन्दन को जलन होती थी। लोगों के अनुसार, कुन्दन को यह अच्छा नहीं लगता था कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर इतनी सक्रिय है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अपने दोस्तों से भी कहता था कि “मोबाइल ने घर बरबाद कर दिया है।” यह मनोस्थिति घटना के दिन हिंसक रूप में सामने आई और अंततः उसकी पत्नी की जान चली गई ।
Dispute over making Instagram reels in Surguja young man stabbed his wife to death
पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है और आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत हत्या का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया है। चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक प्रदीप यादव, विजय गुप्ता, आरक्षक जगन्नाथ केराम और महिला आरक्षक सरिता सिंह की टीम ने आरोपी को पकड़कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया ।
पुलिस ने कहा कि विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना गुस्से और असंयम का परिणाम थी। परंतु साथ ही उन्होंने यह भी माना कि “सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और पारिवारिक संवाद की कमी ने इस घटना को और जटिल बना दिया।”
गांव में इस घटना के बाद स्तब्धता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कुन्दन और किरन की शादी को लगभग पाँच वर्ष हुए थे और उनकी एक छोटी बच्ची भी है, जो इस हादसे के बाद बेसहारा हो गई है। “हमने कभी नहीं सोचा था कि वे इस हद तक पहुंच जाएंगे,” ग्रामीणों ने कहा। कई लोगों ने इसे “सोशल मीडिया की लत और वैवाहिक अविश्वास” का परिणाम बताया।

डिजिटल युग में पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया हो चुका है। कई बार आभासी पहचान और दूसरों के साथ ऑनलाइन संवाद रिश्तों में दूरी बढ़ा देता है। परामर्श विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में संवाद और विश्वास जरूरी है, वरना असंतुलन हिंसा का रूप ले सकता है।
बिलासपुर की वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. पूनम मिश्रा के अनुसार, “सोशल मीडिया आज आत्मअभिव्यक्ति का माध्यम तो है, लेकिन जब यह आत्मसम्मान या रिश्तों की सीमा लांघ देता है, तब यह विनाशकारी बन जाता है।”
इस घटना ने क्षेत्र के युवाओं को भी झकझोर दिया है। सोशल मीडिया मंचों पर इस खबर के फैलने के बाद लोगों ने टिप्पणी की कि “एक रील ने जिंदगी तबाह कर दी।” कई नेटिज़न्स ने लिखा कि “ऑनलाइन लाइक्स और व्यूज कभी जिंदगी से ज्यादा जरूरी नहीं हो सकते।”
सरगुजा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा मंच के संयोजक राकेश यादव ने कहा, “यह घटना समाज के लिए सबक है। हमें सोशल मीडिया का सदुपयोग करना चाहिए, न कि अपने रिश्तों को इसकी भेंट चढ़ाना चाहिए।”
अखोराखुर्द गांव की यह दर्दनाक घटना सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि उस बदलते सामाजिक ढांचे का प्रतीक है जहां डिजिटल दुनिया मानवीय संबंधों पर भारी पड़ रही है। किरन की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया पर दिखने वाली दिखावटी दुनिया असल जिंदगी से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है?
फिलहाल आरोपी जेल में है, लेकिन इस घटना ने एक बेटी को मां से, एक पिता को अपने विवेक से और एक समाज को उसकी संवेदनाओं से वंचित कर दिया। गांव की गलियों में अब भी किरन के मोबाइल की घंटी बजती है, पर उसे उठाने वाला कोई नहीं।
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