हर्ष फायरिंग के बीच सरगुजा पुलिस ने मनाया दशहरा उत्सव : Surguja police celebrated Dussehra amid celebratory firing

Uday Diwakar
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Surguja police celebrated Dussehra amid celebratory firing: सरगुजा: अम्बिकापुर:अंबिकापुर में विजयादशमी पर्व सदैव की तरह इस बार भी पूरी श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाज़ के साथ मनाया गया। इस वर्ष की खास बात यह रही कि सरगुजा पुलिस द्वारा शस्त्र और वाहन पूजन बड़े ही भव्य तरीके से किया गया, जिसमें शांति, सुरक्षा, और न्याय व्यवस्था की कामना के साथ हर्ष फायरिंग भी शामिल रही। पुलिस अधिकारियों, जवानों और आमजन सभी ने इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष और उमंग का वातावरण बना रहा।

भारतीय समाज में दशहरा पर्व असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है और यह पर्व पूरे देश में विविध परंपराओं के साथ मनाया जाता है। पुलिस बल और सैन्य संस्थानों में दशहरे के दिन शस्त्र पूजा की अलग ही महत्ता होती है। शस्त्र न केवल शक्ति का प्रतीक हैं, बल्कि ये धर्म, न्याय और आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण उपकरण भी हैं। सरगुजा पुलिस लाइन स्थित शस्त्रागार में हर साल की भांति इस वर्ष भी सभी हथियारों को विधिपूर्वक बाहर निकालकर पूजा-अर्चना की गई। मंत्रोच्चारण के बीच मां दुर्गा व शक्ति की आराधना की गई, एवं पुलिस अधिकारियों ने पूरे विधि-विधान से शस्त्रों और वाहनों का पूजन किया।

पुलिस विभाग द्वारा इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शांति व्यवस्था बनाए रखना, समाज में न्याय का राज स्थापित करना व सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विजयादशमी के इस पर्व पर शस्त्र पूजन केवल औपचारिक रस्म नहीं, बल्कि यह पुलिसकर्मियों में आस्था, जिम्मेदारी, और साहस का संचार करता है। पूजा के बाद सभी हथियारों को पुनः सुरक्षित शस्त्रागार में रखा गया, जिससे इनका संवेदनशील उपयोग सुनिश्चित हो सके।

Surguja police celebrated Dussehra amid celebratory firing

पूजा कार्यक्रम के दौरान वेद मंत्रों का उच्चारण किया गया, हवन में आहुति दी गई और समस्त पुलिस बल के लिए मंगलकामना की गई। पूजा के बाद पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा हर्ष फायरिंग की गई। यह परंपरा वीरता तथा विजय के प्रतीक स्वरूप दशहरे पर की जाती है, जिससे पूरे वातावरण में ऊर्जा का संचार होता है। हर्ष फायरिंग का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि यह परंपरागत पर्व का हिस्सा है जिसे पूरी सावधानी के साथ सम्पन्न किया गया।

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इस भव्य आयोजन के दौरान सभी थाना, चौकियों में भी शस्त्र व वाहन पूजन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने जनता को संदेश दिया कि पुलिस हमेशा सुरक्षा, न्याय और आमजन के अधिकारों की रक्षा में तत्पर रहती है। इस अवसर पर अधिकारियों ने सभी नागरिकों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और समाज में शांति व सद्भावना बनाए रखने की अपील की।

इस वर्ष शस्त्र पूजन कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मी भी पूरे उत्साह के साथ शामिल रहीं। यह दर्शाता है कि सुरक्षाबलों में लैंगिक समानता का भाव निरंतर मजबूत होता जा रहा है और महिलाएं भी समाज की रक्षा एवं सुरक्षा में अपना उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।

पूजा कार्यक्रम के दौरान पुरानी परंपरा के तहत विभिन्न आधुनिक व परंपरागत हथियार जैसे राइफल, रिवॉल्वर, लाठी, पुलिस वाहनों आदि का विधिपूर्वक पूजन किया गया। पूजा के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस जवानों को जिम्मेदारी, ईमानदारी और समर्पण भाव से अपनी ड्यूटी निभाने का संकल्प दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि हथियारों का उपयोग सदैव न्याय, सत्य और धर्म की रक्षा के लिए किया जाना चाहिए।

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इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में आम नागरिक भी पुलिस लाइन पहुंचे। शस्त्र पूजन व हर्ष फायरिंग को देखने के बाद वहां उपस्थित लोगों में पुलिस बल के प्रति और अधिक सम्मान व विश्वास बढ़ा। विजयादशमी के इस पर्व पर पुलिस के धार्मिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन देखकर सभी लोग अत्यंत प्रसन्न नजर आए।

पूजा आयोजन के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला शांति समिति के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एवं पत्रकारों के साथ संवाद कर समाज में कटुता व तनाव से दूर रहने, एकता-सद्भाव और नियमों का पालन करने की अपील की। दशहरा सिर्फ बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, शांति और न्याय का संदेश देने का पर्व है—इस बात को पुलिस अधिकारियों ने अपने संदेश से जनमानस तक पहुँचाने की कोशिश की।

इस प्रकार अंबिकापुर में सरगुजा पुलिस ने न केवल परंपरा और आस्था के साथ दशहरा पर्व मनाया, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति जनहित में सजग और संकल्पित रहने का संदेश भी दिया। शस्त्र और वाहन पूजन, मंत्रोच्चारण, हवन व हर्ष फायरिंग के साथ पूरे वातावरण को धर्म, साहस और जिम्मेदारी से जोड़ा गया। विजयादशमी पर्व ने पुलिस बल और समाज दोनों में नई ऊर्जा, विश्वास और सकारात्मकता का संचार किया।

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