25 new doctors appointed in Chhattisgarh amid NHM employee strike: रायपुर : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में 25 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की घोषणा की गई है, जिनमें 24 चिकित्सा अधिकारी और 1 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। यह निर्णय प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और जिला अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

25 new doctors appointed in Chhattisgarh amid NHM employee strike
सरकार ने इस नियुक्ति के जरिए स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए ठोस काम किया है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि संविदा पर नियुक्त ये डॉक्टर विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र दोनों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
विशेषज्ञ चिकित्सक के तौर पर डॉ. विकास कुमार साहू को जिला अस्पताल धमतरी में नियुक्त किया गया है। चिकित्सा अधिकारियों की सूची में अनेक अनुभवी डॉक्टर शामिल हैं, जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। इन डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकीय सेवाओं की क्षमता में इजाफा होगा, जिससे जनता को त्वरित और प्रभावी इलाज मिलने में सहायता मिलेगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कई कर्मचारी पिछले समय से हड़ताल पर हैं, जो अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान हड़ताल के कारण कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आई है, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में। ऐसे में सरकार ने संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति को एक आवश्यक कदम माना है ताकि आम जनता की स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो।
छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक कई संविदा नियुक्तियां की गई हैं। इस दौरान 88 विशेषज्ञ चिकित्सकों, 432 चिकित्सा अधिकारियों, 344 स्टाफ नर्सों, 87 ANM और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति हुई है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को अधिक सुदृढ़ बनाना और समय पर मरीजों को उचित इलाज मुहैया कराना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ये नियुक्तियां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के तहत की गई हैं, जो प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। चिकित्सा सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
हालांकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार के इन कदमों से उम्मीद की जा रही है कि सेवाएं निरंतर जारी रहेंगी। सरकार संविदा कर्मचारियों के साथ बातचीत जारी रखेगी, साथ ही चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के उपाय भी करती रहेगी।
एनएचएम कर्मचारी हड़ताल की वजह से प्रभावित हुए कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में अब नए डॉक्टरों के आने से चिकित्सा सेवाओं की स्थिति में सुधार होगा। इससे मरीजों को इलाज में राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार की जा रही है। भर्ती में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सहन नहीं की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में कड़ाई बरती है ताकि योग्य और सक्षम चिकित्सक ही सेवाओं में जुड़ें।
यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में अभी भी चिकित्सा संसाधनों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवा ठीक प्रकार से उपलब्ध नहीं हो पाती है। नई नियुक्तियों से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार होगा और आम जनता को ठीक समय पर उचित इलाज मिलेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार की सावधानी और अग्रिम दिशा-निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि संविदा नियुक्त डॉक्टर प्रदेश भर में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें। नई नियुक्तियों से स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में मरीजों की उम्मीदों पर खरा उतरने की संभावना बढ़ेगी।
अंत में, राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं ताकि प्रदेश के हर नागरिक को स्वस्थ रहने का अधिकार मिले। 25 नए डॉक्टरों की नियुक्ति देश के इस हिस्से में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ के नागरिकों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा और सरकार के समर्पण को भी बल मिलेगा कि वे हर परिस्थिति में जनता के हित में कार्यरत हैं। भविष्य में भी स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर सुधार और नये कदम उठाए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ एक स्वस्थ राज्य के रूप में विकसित हो सके।
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