सूरजपुर में जुआ रेड के दौरान युवक की कुएं में गिरकर मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने में की तोड़फोड़, कई पुलिसकर्मी घायल : young man died after falling into a well during a gambling raid in Surajpur

Uday Diwakar
9 Min Read

young man died after falling into a well during a gambling raid in Surajpur: सूरजपुर :छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रविवार देर रात अचानक हालात बिगड़ गए, जब जुआ पकड़ने गई पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक युवक की कुएं में गिरकर मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण देर रात जयनगर थाना पहुंच गए और वहां जमकर उत्पात मचाया। भीड़ ने थाना परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कई पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

रविवार की शाम करीब 8 बजे के आसपास जयनगर थाना क्षेत्र के कुंजनगर गांव में पुलिस को जुआ खेलने की सूचना मिली थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव के बाहर मैदान में कुछ लोग लंबे समय से जुआ खेलने का अड्डा जमा रहे थे। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में पुलिस को मुखबिरी दी गई, जिसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची।

जैसे ही पुलिस की गाड़ी गांव पहुंची, जुआ खेल रहे लोग और कुछ देखनेवालों में भगदड़ मच गई। आधी रात का समय था, अंधेरा और हलचल में किसी को कुछ समझ नहीं आया। उसी दौरान एक युवक वहां से भागते-भागते खेतों की ओर निकल गया और अंधेरे में एक पुराने कुएं में गिर गया। पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक युवक का नाम दिनेश कुमार (उम्र लगभग 28 वर्ष) है, जो कुंजनगर गांव का ही निवासी था। पेशे से मजदूर दिनेश अपने कुछ परिचितों के साथ मौके पर मौजूद था। पुलिस का कहना है कि वह जुआ खेलने वालों में शामिल था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने इसे पुलिस की ज्यादती बताया, जबकि कुछ का कहना था कि यह पूरी तरह एक दुर्घटना थी। धीरे-धीरे गांव के सैकड़ों लोग इकठ्ठा हो गए और पुलिस टीम पर नाराजगी जताने लगे।

रात करीब 10 बजे के बाद भीड़ जयनगर थाना पहुंच गई। वहां उन्होंने पुलिस पर युवक के साथ मारपीट और डराने का आरोप लगाया। भीड़ लगातार नारेबाजी करती रही और देखते ही देखते हालात बिगड़ने लगे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, मगर किसी ने बात नहीं सुनी।

गुस्साए ग्रामीणों ने अचानक थाने का गेट तोड़कर भीतर घुसने की कोशिश की। कुछ मिनटों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। लोगों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और थाने के भीतर कुर्सियां, मेज, रिकॉर्ड फाइलें और कांच के दरवाजे तोड़ डाले। दो पुलिस वाहनों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए।

इस हमले में थाना प्रभारी, एक एएसआई और तीन आरक्षक घायल हो गए। पुलिस ने किसी तरह अपनी जान बचाकर खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक शलभ एस. ने रात करीब 11 बजे जयनगर थाने का दौरा किया। अतिरिक्त बल और दंगा नियंत्रण टुकड़ी (RAF) को भी बुलाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।

पुलिस ने थाने के बाहर खड़े ग्रामीणों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, इस दौरान भी माहौल पूरी तरह शांत नहीं हुआ।

young man died after falling into a well during a gambling raid in Surajpur

सोमवार सुबह मृत युवक के शव को कुएं से निकालकर पंचनामा किया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान युवक को गलत तरीके से खदेड़ा गया, जिससे वह घबराकर कुएं में गिर गया। वहीं पुलिस का कहना है कि कोई बल प्रयोग नहीं किया गया था, यह पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था।

घटना के बाद से पूरे कुंजनगर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जो भी इस हिंसा में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाने में तोड़फोड़ और हमला करने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए की जा रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर के एसपी ने मामले की जांच राजेश सिंह, एसडीओपी प्रेमनगर के नेतृत्व में विशेष टीम को सौंपी है। टीम यह पता लगाएगी कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान कौन सी परिस्थितियां बनीं जिससे युवक की मौत हुई और क्या पुलिस की कोई लापरवाही इसमें शामिल रही। एसपी ने स्पष्ट किया, “किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा। लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।”

मृतक दिनेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की बिना सोचे-समझे कार्रवाई ने उनकी जिंदगी छीन ली। परिवार ने शासन से मुआवजा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जुआ पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन ऐसी कार्रवाई में लोगों की जान चली जाए, यह अस्वीकार्य है। कई लोगों ने मृतक के परिवार के लिए आर्थिक सहायता और न्याय की मांग की है।

सोमवार सुबह तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार गांव में डटे रहे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया और भरोसा दिलाया कि इस प्रकरण की हर पहलू से जांच होगी। अधिकारी सुबह पंचायत भवन में गांव के सरपंच, जनप्रतिनिधि और सामाजिक नेताओं से मिले। बैठक में यह तय हुआ कि आगे कोई हिंसक कदम न उठाया जाए और जांच पूरी होने दी जाए। फिलहाल स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। पुलिस के अनुसार, मुख्य सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया है और बाजार भी आंशिक रूप से खुल चुके हैं।

घटना ने जिले में राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने इसे पुलिस की लापरवाही और कानून व्यवस्था की विफलता बताया है। कुछ जनप्रतिनिधियों ने गांव जाकर मृतक के परिवार से मुलाकात की और सरकार से पारदर्शी जांच की मांग की।

सूरजपुर प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों से निपटने के लिए पुलिस टीमों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी अनहोनी की संभावना कम हो। ग्रामीणों को भी अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ सूचना पर ध्यान न दें।

सूरजपुर के जयनगर क्षेत्र में हुई यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों के लिए सबक बन गई है। एक ओर जुआ जैसी अवैध गतिविधियां समाज में अपराध और असुरक्षा को बढ़ावा देती हैं, वहीं दूसरी ओर कानून पालन करने वाली एजेंसियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी कार्रवाई मानवीय और संवेदनशील तरीके से करें। फिलहाल पूरा जिला इस अप्रिय हादसे के बाद सामान्य स्थिति की ओर लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन युवक की मौत और रातभर चले बवाल की गूंज अभी भी गांव-गांव में सुनाई दे रही है।

यह भी पढ़ें- सरगुजा में धर्मांतरण की कोशिश नाकाम, दरिमा पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Share This Article
Leave a Comment