वाड्रफनगर अस्पताल में हड़कंप: BMO डॉ. हेमंत दीक्षित पर स्टाफ के गंभीर आरोप, हटाने की मांग तेज : Wadrafnagar Hospital Staff Accuse BMO Dr. Hemant Dixit of serious charges demands for his removal intensify

Uday Diwakar
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Wadrafnagar Hospital Staff Accuse BMO Dr. Hemant Dixit of serious charges demands for his removal intensify: बलरामपुर: वाड्रफनगर के 100 बिस्तरीय सरकारी अस्पताल में इन दिनों विवाद बढ़ गया है। अस्पताल के कर्मचारी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. हेमंत दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि यदि 2–3 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कामबंद हड़ताल करेंगे।

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Wadrafnagar Hospital Staff Accuse BMO Dr. Hemant Dixit of serious charges demands for his removal intensify स्टाफ की शिकायतें

कर्मचारियों का आरोप है कि डॉ. दीक्षित का व्यवहार अच्छा नहीं है और उनकी कार्यशैली से अस्पताल का माहौल खराब हो गया है।

  • छुट्टी और ड्यूटी शेड्यूल में अनावश्यक दिक्कतें पैदा की जाती हैं।
  • कुछ कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है।
  • अस्पताल की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता और मनमाने तरीके से फैसले लिए जाते हैं।

इन कारणों से नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय, लैब तकनीशियन और अन्य कर्मचारी अब एक साथ विरोध कर रहे हैं।

अस्पताल पर रोज़ाना आसपास के गांवों से सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। अगर स्टाफ हड़ताल करता है तो ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप हो सकती हैं। खासकर प्रसव और गंभीर बीमारियों के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी क्योंकि उन्हें दूर जिला अस्पताल जाना पड़ेगा।

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कर्मचारियों का लिखित ज्ञापन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच चुका है। खबर है कि मामले की जांच के लिए टीम बनाई जा सकती है। अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि कर्मचारियों और BMO के बीच बातचीत से हल निकले ताकि अस्पताल सेवाएं बंद न हों।

ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल ही उनकी बड़ी उम्मीद है। अगर यहां काम बंद हुआ तो गरीब मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी। लोगों ने मांग की है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग जल्दी समाधान निकाले।

डॉ. हेमंत दीक्षित ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। माना जा रहा है कि जांच में उनका पक्ष भी सुना जाएगा।

अगर हड़ताल शुरू हुई तो

  • इलाज पूरी तरह रुक जाएगा।
  • मरीजों को भारी दिक्कत होगी।
  • विभाग की छवि पर बुरा असर पड़ेगा।

वाड्रफनगर अस्पताल में हालात गंभीर हो गए हैं। कर्मचारी BMO को हटाने पर अड़े हैं जबकि प्रशासन स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि विभाग क्या फैसला लेता है और मरीजों को राहत कब मिलती है।

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