गरियाबंद जिले के गांव में ऋषि पंचमी पर नाग देवता की पूजा और सांपों की शोभायात्रा की अनोखी परंपरा : Unique Tradition of Worship of Snake deity and snake Procession IN Gariaband

Uday Diwakar
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Unique Tradition of Worship of Snake deity and snake Procession IN Gariaband:गरियाबंद: गरियाबंद जिले के देवरी गांव में ऋषि पंचमी के अवसर पर नाग देवता की पूजा और सांपों की अनोखी शोभायात्रा का आयोजन होता है। इस परंपरा को वर्षों से गांव के लोग बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाते आ रहे हैं। इस दिन ग्रामीण जहरीले सांपों को सावधानीपूर्वक पकड़ते हैं और पूरे विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। पूजा के बाद सांपों की शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों लोग दूर-दराज के इलाकों से भी सम्मिलित होते हैं।

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Unique Tradition of Worship of Snake deity and snake Procession IN Gariaband

शोभायात्रा के दौरान सांपों को गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव में घुमाया जाता है, जो एक भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेता है। इसे देखने के लिए आसपास के हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और यह आयोजन गांव की पहचान बन गया है। खास बात यह है कि इस शोभायात्रा में अब तक किसी भी तरह की कोई दुर्घटना या सर्पदंश की घटना नहीं हुई है।

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पूजा संपन्न होने के बाद सभी सांपों को सुरक्षापूर्वक जंगल में छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा न केवल नाग देवता की पूजा का प्रतीक है, बल्कि वन्य जीवों के संरक्षण का संदेश भी देती है। इसके अलावा, गांव में सांपों को पकड़ने और उनका संरक्षण करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे यह परंपरा सुरक्षित और सनातन रूप से जारी रहे।

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यह अनोखा उत्सव गरियाबंद की परंपराओं और आस्थाओं की समृद्धि को दर्शाता है तथा गांव के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऋषि पंचमी के दिन होने वाला यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक अनुभव होता है और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का एक अनूठा पहलू है।

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