Tension erupted in Ramchandrapur Balrampur during an operation to remove illegal encroachments बलरामपुर:।छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर क्षेत्र में राजस्व विभाग की टीम शासकीय स्कूल की लगभग 2 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा हटाने पहुंची। यह भूमि मूल रूप से छात्रावास निर्माण के लिए आरक्षित थी, जहां लंबे समय से स्थानीय लोगों ने 9 अवैध मकान बना लिए थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें शुरुआत में दो पक्के घरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
तीसरे मकान पर बुलडोजर चलते ही स्थानीय ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने तीव्र विरोध शुरू कर दिया। विरोधियों ने पत्थर फेंकने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को कार्रवाई बीच में रोकनी पड़ी। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी, जहां ग्रामीणों ने शासन की जमीन पर बने अपने घरों को बचाने के लिए एकजुट हो गए।
विरोध के बाद ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया, जो घंटों चला और क्षेत्रीय यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़क जाम के दौरान ग्रामीण नारेबाजी करते रहे और प्रशासन से बातचीत की मांग की। पुलिस ने स्थिति को शांत करने के लिए समझाइश दी, लेकिन ग्रामीण मकानों को तोड़ने के खिलाफ अड़े रहे।
स्थानीय लोगों का कहना था कि ये मकान वर्षों पुराने हैं और उनके पास कोई वैकल्पिक जगह नहीं है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले कोई नोटिस नहीं दिया था। इस विरोध ने कार्रवाई को अधर में लटका दिया, जबकि निर्धारित 9 में से केवल 3 मकानों पर ही आंशिक काम हुआ।
बलरामपुर जिला प्रशासन हाल ही में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती बरत रहा है। रामचंद्रपुर की यह शासकीय जमीन स्कूल हॉस्टल के लिए चिह्नित थी, लेकिन कब्जेदारों ने पक्के निर्माण कर लिए थे। राजस्व टीम ने पूर्व में नोटिस जारी किए थे, लेकिन विरोध के कारण अभियान रुका। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भविष्य में कार्रवाई पूरी की जाएगी।
यातायात जाम से आसपास के गांव प्रभावित हुए, खासकर रामानुजगंज जाने वाले रास्ते पर। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बिना पुनर्वास के आगे विरोध तेज होगा। जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
Tension erupted in Ramchandrapur Balrampur during an operation to remove illegal encroachments
प्रशासन ने बाकी 6 मकानों पर जल्द कार्रवाई का संकेत दिया है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से स्वेच्छा से कब्जा हटाने को कहा, वादा किया कि पात्रों को वैकल्पिक जमीन मिलेगी। स्थानीय विधायक ने मध्यस्थता की पेशकश की। यह घटना छत्तीसगढ़ में भूमि विवादों की जटिलता दर्शाती है।
घटना के बाद क्षेत्र शांत है, लेकिन तनाव बरकरार। मीडिया कवरेज में वीडियो वायरल हो गए, जो बुलडोजर एक्शन दिखाते हैं। प्रशासन ने पारदर्शिता का दावा किया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भारी बल तैनात था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। वीडियो फुटेज में जेसीबी का पीला पंजा मकानों पर चलते दिखा, लेकिन पत्थरबाजी ने सब रोक दिया। प्रशासन अब ग्रामीणों से वार्ता कर आगे की रणनीति बना रहा है।
रामचंद्रपुर बलरामपुर-रामानुजगंज का ग्रामीण इलाका है, जहां आदिवासी बहुल आबादी रहती है। यहां शासकीय जमीनों पर कब्जे आम समस्या है, जो विकास परियोजनाओं को प्रभावित करती है। इस घटना से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने प्रशासन की कार्रवाई को क्रूर बताया।
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