Tatapani Festival 2026: बलरामपुर: 13 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का प्रसिद्ध तातापानी धाम मकर संक्रांति के अवसर पर भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंगने को तैयार है। 14 से 16 जनवरी तक आयोजित होने वाले तातापानी महोत्सव 2026 में लाखों श्रद्धालु गर्म जलकुंड में पवित्र स्नान के लिए उमड़ेंगे, जबकि सांस्कृतिक मंच पर पद्मश्री अनुज शर्मा, आदित्य नारायण और भोजपुरी स्टार ख़ुशी कक्कर जैसे कलाकारों का जलवा देखने को मिलेगा। यह तीन दिवसीय आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़िया संस्कृति का भव्य प्रदर्शन भी होगा।
तातापानी धाम का धार्मिक महत्व
तातापानी धाम प्राकृतिक रूप से गर्म जलकुंड के लिए विख्यात है, जिसे जल स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही। मकर संक्रांति पर सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश पर यहां स्नान से पापों का नाश और कुष्ठ रोग से मुक्ति का विश्वास है। हर वर्ष अन्य राज्यों से भी लाखों भक्त आते हैं। इस वर्ष कलेक्टर ने तैयारियों का जायजा लिया है।
झरने का जल 52 डिग्री तक गर्म रहता है, जो कभी ठंडा नहीं होता। मुख्य शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी। नापानी क्षेत्र में विशाल मेला स्थल तैयार है।
तीन दिवसीय कार्यक्रमों का विवरण
महोत्सव तीन दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन से गूंजेगा:
14 जनवरी (प्रथम दिन): मकर संक्रांति पवित्र स्नान। शाम 7 बजे पद्मश्री अनुज शर्मा की छत्तीसगढ़ी लोक संगीत प्रस्तुति। राउत नाचा, सुवा नृत्य और पंथी नृत्य।
15 जनवरी (द्वितीय दिन): बॉलीवुड सिंगर आदित्य नारायण का लाइव कन्सर्ट। पारंपरिक लोक नृत्य और सांस्कृतिक संध्या।
16 जनवरी (समापन): भोजपुरी कलाकार ख़ुशी कक्कर का आकर्षक प्रदर्शन।
प्रत्येक शाम सांस्कृतिक मंच पर छत्तीसगढ़िया कला का प्रदर्शन होगा। मेले में झूले, खान-पान स्टॉल और हाट बाजार सजेंगे।
जिला प्रशासन ने भव्य इंतजाम किए हैं। कलेक्टर ने पार्किंग, यातायात, स्वच्छता, जल आपूर्ति, बिजली और चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया। 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, 100 बसों की व्यवस्था। पुलिस बल तैनात रहेगा। जिला पंचायत सीईओ ने स्टॉल व्यवस्था की समीक्षा की।
महोत्सव स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है। हस्तशिल्प, बांस उत्पाद, मधुआ हनी और चावल स्टॉल से लाखों का व्यापार। ग्रामीण कलाकारों को मंच मिलता है। यह छत्तीसगढ़ पर्यटन का प्रमुख आकर्षण है। पिछले वर्ष 5 लाख श्रद्धालु आए थे।
Tatapani Festival 2026
तातापानी महोत्सव दशकों पुरानी परंपरा है। कोल और उरांव जनजातियों का विशेष महत्व। स्वतंत्रता के बाद राज्य सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्तर का बनाया। 2020 में महामारी के कारण सीमित हुआ, लेकिन 2026 में पूर्ण भव्यता। यह संक्रांति परब का प्रतीक है।
महोत्सव छत्तीसगढ़ की एकता, संस्कृति और आस्था का प्रतीक बनेगा। तैयारियां अंतिम चरण में। सभी आमंत्रित।
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