सरगुजा: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो गिरफ्तार, धर्मांतरण का आरोप : Surguja: Retired Deputy Collector Omega Toppo arrested on charges of religious conversion

Uday Diwakar
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Surguja: Retired Deputy Collector Omega Toppo arrested on charges of religious conversion: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला इलाके में उनके निवास पर पिछले एक साल से हर रविवार को ‘चंगाई सभा’ का आयोजन हो रहा था। हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया कि इन सभाओं के जरिए भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।

पुलिस ने शिकायत मिलने पर छापेमारी की और साक्ष्य संग्रह के बाद कार्रवाई तेज कर दी। यह मामला सरगुजा संभाग में चर्चा का केंद्र बन गया है, क्योंकि पहली बार किसी रिटायर्ड उच्च अधिकारी को ऐसे आरोप में पकड़ा गया है।

जब ओमेगा टोप्पो (उम्र 66 वर्ष) के नमनाकला मोहल्ले स्थित घर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। चंगाई सभा के नाम पर आयोजित इस कार्यक्रम में 50-60 लोग मौजूद थे और बाहर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि सभा में हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं और 4-5 लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराया जा रहा था।

कार्यकर्ताओं ने तुरंत गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभा को तत्काल रोक दिया। इस दौरान ओमेगा टोप्पो ने पुलिस से लीगल दस्तावेज मांगे और नोकझोंक हुई। पुलिस ने उपस्थित लोगों को थाने ले जाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर ओमेगा टोप्पो थाने से भाग निकलीं।

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पुलिस ने ओमेगा टोप्पो की तलाश शुरू की और बुधवार को उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय उन्होंने फिर पुलिस को रोकने की कोशिश की, लेकिन गिरफ्तारी नोटिस जारी कर उन्हें हिरासत में लिया गया। सभा स्थल से एक रजिस्टर जब्त किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों के नाम और हस्ताक्षर थे। पुलिस ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।

ओमेगा टोप्पो के खिलाफ बीएनएस की धारा 270 (लोक सेवक को अवमानना), 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5(क) (अवैध धर्मांतरण) के तहत मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। यह छत्तीसगढ़ के सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून का पहला बड़ा उदाहरण है।

स्थानीय हिंदूवादी संगठनों ने लंबे समय से ओमेगा टोप्पो की गतिविधियों पर नजर रखी थी। मठ पारा निवासी रोशन तिवारी ने प्राथमिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि सभाओं में हिंदू धर्म को बदनाम कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जाता था। संगठनों का दावा है कि पिछले एक साल में दर्जनों लोग प्रभावित हुए।

यह कार्रवाई सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में संवेदनशील मुद्दा बन गई है। संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की।

ओमेगा टोप्पो छत्तीसगढ़ कैडर की रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर हैं, जिनकी सेवा सरगुजा संभाग में रही। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय थीं। ईसाई समुदाय से जुड़ी होने के कारण उनकी चंगाई सभाएं चर्चित थीं, लेकिन अब ये विवादास्पद साबित हुईं। स्थानीय स्तर पर उनकी छवि एक प्रभावशाली व्यक्ति की थी।

Surguja: Retired Deputy Collector Omega Toppo arrested on charges of religious conversion

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2000 (संशोधित) अवैध धर्मांतरण पर सख्ती करता है। धारा 5(क) के तहत प्रलोभन, बल या धोखे से धर्म परिवर्तन कराने पर 1-10 वर्ष की सजा और जुर्माना है। बीएनएस धाराएं धार्मिक शांति भंग करने से जुड़ी हैं। इस कानून से अब तक सैकड़ों मामले दर्ज हुए हैं।

सरगुजा आदिवासी संस्कृति का केंद्र है, जहां कोरवा, उरांव जैसी जनजातियां रहती हैं। यहां धर्मांतरण के आरोप लंबे समय से विवाद का विषय हैं। बस्तर और सरगुजा में हिंदू संगठन सक्रिय हैं। यह गिरफ्तारी राज्य सरकार की ‘घर वापसी’ नीति को मजबूत संदेश देगी।

स्थानीय ईसाई समुदाय ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कानूनी प्रक्रिया है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

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