Surguja Olympics 2025-26: सरगुजा:अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता क्षेत्रीय युवाओं की स्वाभाविक खेल क्षमता को पहचानते हुए उन्हें राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने का सुनहरा प्रयास है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा और खेल मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में यह आयोजन आदिवासी युवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
सरगुजा संभाग, जो Surguja, Surajpur, Balrampur-Ramanujganj, Jashpur और Korea जिलों से मिलकर बना है, खेल प्रतिभाओं का खजाना रहा है। यहां के युवा पारंपरिक रूप से कबड्डी, खो-खो, धावक और तीरंदाजी में निपुण होते हैं। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का मुख्य लक्ष्य इन प्रतिभाओं को विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर प्रोत्साहित करना है। शासन का मानना है कि खेल न केवल युवाओं को नशे और बेरोजगारी से दूर रखेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह आयोजन जनता-प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा, जहां पंचायत स्तर से चयनित खिलाड़ी रंग लाएंगे।
12 खेलों का समावेश
प्रतियोगिता में कुल 12 विविध खेल शामिल हैं, जो आदिवासी संस्कृति और आधुनिक खेलों का मिश्रण दर्शाते हैं:
- पारंपरिक खेल: कबड्डी, खो-खो, गिल्ली डंडा, तीरंदाजी।
- एथलेटिक्स: 100 मीटर से 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक।
- टीम स्पोर्ट्स: वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी।
- व्यक्तिगत खेल: कुश्ती, बैडमिंटन, तलवारबाजी।
ये खेल स्थानीय मैदानों, स्कूल स्टेडियमों और जिला मुख्यालयों पर आयोजित होंगे। प्रत्येक स्तर पर विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और राष्ट्रीय शिविरों के लिए चयन का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्घाटन समारोह में कहा, “सरगुजा का युवा भारत का भविष्य है। यह ओलंपिक उनकी प्रतिभा को पंख देगा।” खेल मंत्री अरुण साव ने व्यक्तिगत रूप से आयोजन की रूपरेखा तैयार की है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें कोचिंग कैंप, उपकरण वितरण और परिवहन शामिल है। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि कम से कम 70% आदिवासी युवाओं का चयन सुनिश्चित करें। स्थानीय विधायक और सांसद भी इसमें सक्रिय भागीदार होंगे।
चयन प्रक्रिया और स्तर
आयोजन तीन चरणों में होगा:
- विकासखंड स्तर: फरवरी 2026 से शुरू, प्रत्येक ब्लॉक में 5 दिवसीय इवेंट।
- जिला स्तर: मार्च-अप्रैल में, जहां 5000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे।
- संभाग स्तर: मई 2026 में अंबिकापुर के स्थानीय स्टेडियम में फाइनल।
चयनित खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ राज्य ओलंपिक और राष्ट्रीय खेलों के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। महिला भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा, ताकि आदिवासी बालिकाएं आगे आएं। ग्रामीण कोचों को प्रशिक्षण देकर ‘हर गांव खेल गांव’ अभियान चलाया जाएगा।
यह ओलंपिक केवल खेल नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति का प्रतीक बनेगा। सरगुजा के आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी रही है, लेकिन यह आयोजन 100 नए खेल मैदान बनाने का बहाना बनेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा—होटल, परिवहन और स्ट्रीट फूड से रोजगार सृजन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित होगी। पिछली घटनाओं में ऐसे आयोजनों से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं, जैसे जशपुर की कबड्डी टीम।
Surguja Olympics 2025-26
क्षेत्र की चुनौतियां—जैसे दूरस्थ गांव, मौसम और सांस्कृतिक बाधाएं—को ध्यान में रखा गया है। हेलीकॉप्टर सर्विस से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित होगी। कोविड प्रोटोकॉल के साथ स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी। सामाजिक संगठन और NGO इसमें सहयोग करेंगे। संभाग आयुक्त ने कहा, “यह ओलंपिक सरगुजा को खेल मानचित्र पर स्थापित करेगा।”
सरगुजा ओलंपिक 2025-26 सफल होने पर इसे वार्षिक बनाया जाएगा। राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर पर इसे जोड़ने की योजना बना रही है। सफल खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां और स्पॉन्सरशिप मिलेंगी। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं को ओलंपिक सपनों से जोड़ेगा। कुल मिलाकर, यह प्रतिभा निखारने का मील का पत्थर साबित होगा।
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