सरगुजा कलेक्टर की सख्ती: दरिमा CHC निरीक्षण में निर्माण देरी पर भड़के अजीत वसंत : Surguja Collector’s strict action

Uday Diwakar
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Surguja Collector’s strict action: सरगुजा:​​​अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर अजीत वसंत ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) दरिमा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन भवन, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) और अन्य कार्यों की प्रगति पर नजर डाली तथा देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने के इस प्रयास में कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। यह निरीक्षण सरगुजा के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

सुबह करीब 11 बजे कलेक्टर अजीत वसंत दरिमा CHC पहुंचे। यहां निर्माणाधीन मुख्य भवन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पाया कि प्रस्तावित 50 बेड का अस्पताल भवन अभी भी 40 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। छत डालने और प्लास्टर कार्य में असामान्य विलंब मिला। कलेक्टर ने सीधे कार्यपालन यांत्रिकी अभियंता (EE) से जवाब तलब किया, जिन्होंने मानसून और सामग्री की कमी का हवाला दिया। अजीत वसंत ने साफ शब्दों में कहा, “स्वास्थ्य सेवाएं किसी बहाने से प्रभावित नहीं होंगी।” उन्होंने तत्काल अतिरिक्त मजदूर लगाने और कार्य को 45 दिनों में पूरा करने का आदेश दिया।

ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निरीक्षण में वाटर टैंक, जननी एक्सप्रेस वैन शेड और लैब निर्माण पर भी नाराजगी जताई। BPHU का 70 प्रतिशत कार्य बाकी था, जबकि बजट आवंटन पिछले साल का था। कलेक्टर ने स्थानीय ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ऑक्सीजन प्लांट स्थापना और सोलर पैनल लगाने के कार्यों की प्रगति संतोषजनक न पाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों, स्टाफ और ग्रामीणों से भी फीडबैक लिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति

दरिमा CHC सरगुजा के लुंड्रा विकासखंड के 35 गांवों की 60 हजार आबादी पर निर्भर है। वर्तमान में यहां 10 बेड, 2 डॉक्टर और 15 पैरामेडिकल स्टाफ हैं। प्रसव, टीकाकरण और सामान्य ओपीडी सुचारु हैं, लेकिन इमरजेंसी और विशेषज्ञ सेवाओं की कमी है। कलेक्टर ने पाया कि दवाओं का स्टॉक 80 प्रतिशत है, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि रात में डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं। अजीत वसंत ने तुरंत बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम चालू करने और नाइट ड्यूटी रोस्टर सख्ती से लागू करने के आदेश दिए।

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निरीक्षण में यह भी सामने आया कि आयुष्मान कार्ड बनवाने में देरी हो रही है। कलेक्टर ने 15 दिनों में सभी पात्र परिवारों को कार्ड वितरण पूरा करने को कहा। जननी सुरक्षा योजना के तहत 200 गर्भवती महिलाओं का ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत करने पर जोर दिया। COVID-19 के बाद स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण कैंप प्रभावी रहे, लेकिन मलेरिया और डेंगू रोकथाम में लापरवाही बरती गई।

कलेक्टर ने जिला पंचायत CEO, DRDA और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संयुक्त समीक्षा बैठक बुलाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया। ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी दी। CMHO डॉ. रमेश तिवारी को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जमा करने को कहा। कलेक्टर ने कहा, “सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल जिले में स्वास्थ्य केंद्र गांवों का जीवन रेखा हैं। देरी बर्दाश्त नहीं।”

इसके बाद कलेक्टर ने आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया। पोषण वितरण और ICDS सेवाओं की समीक्षा की। ग्राम पंचायत सरपंचों को निर्माण निगरानी समिति गठित करने को कहा। जिला आपदा प्रबंधन टीम को स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टॉक रखने के निर्देश दिए।

सरगुजा जिला 11 ब्लॉकों और 1800 गांवों वाला विशाल क्षेत्र है, जहां 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और आदिवासी है। जिले में 12 CHC, 65 PHC और 700 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं। पिछले वर्ष 2 लाख प्रसव दर्ज हुए, लेकिन IMR (शिशु मृत्यु दर) 35 प्रति हजार है, जो राज्य औसत से अधिक। कलेक्टर अजीत वसंत ने पदभार ग्रहण के बाद से 20 स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया है। उनकी प्राथमिकता PM-JAY, नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘स्वास्थ्य क्रांति’ योजना के तहत सरगुजा को 100 करोड़ का विशेष पैकेज मिला। इसमें 5 नए CHC और 20 BPHU शामिल हैं। दरिमा केंद्र को मॉडल CHC बनाने का लक्ष्य है।

दरिमा के ग्रामीणों ने कलेक्टर के दौरे का स्वागत किया। सरपंच श्रीमती राधा कौशिक ने कहा, “कलेक्टर साहब ने हमारी 2 साल पुरानी शिकायत सुनी। अब काम तेज होगा।” महिलाओं ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग की। युवाओं ने टेलीमेडिसिन सुविधा का सुझाव दिया। सोशल मीडिया पर निरीक्षण के फोटो वायरल हो रहे, जहां स्थानीय पत्रकारों ने प्रशंसा की।

विपक्ष ने निरीक्षण को सकारात्मक बताया, लेकिन पूछा कि पिछले कलेक्टरों के समय की लापरवाही पर कार्रवाई कब? जिला स्वास्थ्य समिति ने कलेक्टर को धन्यवाद दिया।

Surguja Collector’s strict action

दूरस्थता, भौगोलिक कठिनाई और स्टाफ कमी मुख्य बाधाएं हैं। मानसून में सड़कें टूट जाती हैं, जिससे दवाएं नहीं पहुंचतीं। कलेक्टर ने ड्रोन डिलीवरी पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव दिया। सोलर पावर बैकअप और 108 एम्बुलेंस नेटवर्क मजबूत होगा। 2026 तक सभी CHC डिजिटल हो जाएंगे।

ट्रेनिंग के लिए नर्सिंग कॉलेज से टाई-अप। मलेरिया उन्मूलन के लिए फॉगिंग मशीनें। कलेक्टर ने PPP मॉडल पर प्राइवेट क्लिनिक जोड़ने की योजना बनाई।

विकास और स्वास्थ्य का संबंध

स्वास्थ्य सुधार से शिक्षा और रोजगार बढ़ेगा। सरगुजा में कोयला और वन आधारित अर्थव्यवस्था है, लेकिन स्वास्थ्य बेहतर होने से मजदूर उत्पादकता बढ़ेगी। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से 5 लाख परिवार कवर। कलेक्टर ने CSR फंड से उपकरण खरीदने को कहा।


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