सूरजपुर: पत्नी ने पति को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारा, 45 दिन तक छुपाती रही राज : Surajpur Wife burns husband alive

Uday Diwakar
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Surajpur Wife burns husband alive: सूरजपुर :सूरजपुर जिले के मानी गांव से हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यहां एक पत्नी ने अपने पति को जिंदा जलाकर उसकी हत्या कर दी और करीब डेढ़ महीने तक इस खौफनाक सच्चाई को सब से छुपाए रखा। पुलिस की गहन जांच और सवाल-जवाब के बाद आखिरकार पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

6 अगस्त 2025 की रात मानी गांव निवासी सुपारी लाल अपने घर में सो रहे थे। अचानक खाट में आग लग गई और वे बुरी तरह झुलस गए। परिवार और पड़ोसियों ने घटना को हादसा माना, लेकिन पुलिस अधिकारियों को मौके का मुआयना करते समय कुछ संदेहास्पद बातें नजर आईं। शुरूआती जांच एक दुर्घटना के तौर पर हुई थी, किंतु पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए गहराई से जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के संकेत मिले। इसके बाद मृतक की पत्नी मूर्ति बाई और उसके व्यवहार पर सवाल खड़े हुए। परिवार में आपसी विवाद और पति द्वारा चरित्र शंका को लेकर बार-बार झगड़े सामने आए. पूछताछ के दौरान महिला ने कबूल किया कि साजिश के तहत उसने अपने सोए हुए पति पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी।

Surajpur Wife burns husband alive

महिला ने बताया कि घटना वाली रात जब घर के बाकी लोग नहीं थे, उस समय उसने घटना को अंजाम दिया। पति सुपारी लाल गहरी नींद में थे। मूर्ति बाई ने पेट्रोल खरीदा, उसे चारों ओर बिखेरा और आग लगा दी। इसके बाद खुद चिल्लाकर बाहर आई और मदद की गुहार लगाई ताकि किसी को शक न हो। पड़ोसी दौड़े और आग बुझाने की कोशिश की। सुपारी लाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को दुर्घटना बताने की कोशिश शुरू में सफल रही; लेकिन पुलिस की लगातार जांच और तकनीकी सबूतों के मिलान से अपराध उजागर हुआ।

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डेढ़ महीने तक छुपा रहा खौफनाक सच

इस खौफनाक साजिश का राज करीब 45 दिनों तक दबा रहा। मृतक की पत्नी सामाजिक तानों और सवालों से बचती रही। उसने सभी को हादसे की कहानी पर यकीन दिलवाने की कोशिश की; मगर पुलिस की गहन पूछताछ में जब घटनाक्रम का मिलान हुआ तो उसका अपराध सामने आ गया। महिला का व्यवहार घटना के बाद असामान्य था, जिससे शक गहराया और पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।

पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर कई तकनीकी सुबूत इकट्ठा किए। आगजनी के तरीके, पेट्रोल की खरीदारी, महिला के बयान में विरोधाभास, और पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव—इन सबको आधार बनाकर पुलिस ने लगातार कड़ी पूछताछ की। आखिरकार अभियुक्ता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करते हुए केंद्रीय जेल अंबिकापुर भेज दिया और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।

इस साजिश ने मानी गांव ही नहीं, पूरे जिले में सनसनी फैला दी। लोग स्तब्ध हैं कि पत्नी ने किस तरह से सोए हुए पति को बेदर्दी से जिंदा जलाकर मार डाला। घर, मोहल्ला, पंचायत में इस घटना को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही। लोग महिला के फैसले की निंदा भी कर रहे हैं और घटना के पीछे छुपे पारिवारिक तनाव की चर्चा भी कर रहे हैं।

घरेलू विवाद, लगातार चरित्र शंका और आपसी तनाव अगर बढ़ते हैं तो वे कभी-कभी ऐसे क्रूर अपराध का कारण बन सकते हैं। समाज में संवाद, समझ और परिजनों के बीच विश्वास बनाए रखना ज़रूरी है ताकि ऐसे जघन्य अपराधों की आशंका कम हो सके। यह घटना रिश्तों में असुरक्षा, समाज की एकजुटता और मानसिक स्वास्थ्य—तीनों सवाल उठाती है।

आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। अब अदालत में मुकदमा चलेगा, जहां महिला के बयान, तकनीकी सुबूत और विशेषज्ञ रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएंगे। मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह सक्रिय है।

सूरजपुर के मानी गांव में पति की जघन्य हत्या और महिला द्वारा डेढ़ महीने तक अपराध छुपाए रखने का मामला समाज के लिए एक कड़ी चेतावनी है। परिजनों, रिश्तों और समाज में संवाद अत्यंत आवश्यक है ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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