Speeding pickup truck overturns in Batauli; 9 cows were loaded on board; 4 cows died, accused smuggler absconded: सरगुजा:अंबिकापुर। बतौली। सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम बिलासपुर के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन के पलटने से नौ गायों से भरा वाहन खेत में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप बतौली–बगीचा मार्ग पर अत्यधिक गति से दौड़ रही थी और मोड़ के पास चालक का संतुलन बिगड़ते ही वाहन सीधे सड़क किनारे की मेड़ तोड़कर खेत में पलट गया। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि पिकअप के भीतर कई गायें दबकर कराह रही थीं और कुछ की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
चार गायों की मौत, पांच घायल
ग्रामीणों ने तुरंत वाहन का पिछला हिस्सा खोलकर फंसी हुई गायों को निकालने की कोशिश शुरू की। स्थानीय लोगों की मानें तो पिकअप में नौ गायों को ठूंस‑ठूंस कर भरा गया था, जिनमें से चार की दुर्घटना के तुरंत बाद ही मौत हो गई। बाकी पांच गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनके शरीर पर गहरे जख्म और खरोंच के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल गायों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें नजदीकी गौशाला में शिफ्ट कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
आरोपी तस्कर मौके से फरार
हादसे के तुरंत बाद पिकअप चालक और उसके साथ मौजूद सहयोगी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्घटना के बाद भी दोनों कुछ देर तक मोबाइल पर किसी से बात करते दिखे, फिर खेतों के रास्ते जंगल की तरफ भाग गए। वाहन के भीतर किसी प्रकार के वैध दस्तावेज, चालान या पशु परिवहन की अनुमति नहीं मिली, जिससे स्पष्ट है कि ये गायें अवैध रूप से ले जाई जा रही थीं। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और इसके मालिक तथा चालक की पहचान के लिए आरटीओ रिकॉर्ड खंगालने के साथ‑साथ मोबाइल लोकेशन भी खंगाले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बतौली–बगीचा मार्ग से लंबे समय से रात के अंधेरे में गौ तस्करी का खेल चल रहा है, लेकिन प्रशासन की आंखों के सामने से गुजरने के बावजूद इस पर सख्ती नहीं हो पाती। ग्रामीणों के अनुसार छोटे पिकअप और ट्रक में गायों व अन्य मवेशियों को ठूंसकर प्रदेश की सीमा पार भेजा जाता है। अक्सर ये वाहन पुलिस और चेकपोस्ट की निगरानी से बचने के लिए गांवों के कच्चे रास्तों से होकर निकलते हैं। हादसे ने एक बार फिर इस अवैध कारोबार की पोल खोल दी, क्योंकि यदि दुर्घटना न होती तो शायद ये गायें चुपचाप कहीं और ले जाई जातीं।
घटना की खबर मिलते ही नजदीकी गांवों के गौसेवक और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृत गायों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही क्षेत्र में तस्करों के हौंसले बुलंद हैं। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कुछ समय के लिए सड़क जाम कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और इस मार्ग पर स्थायी चेकपोस्ट की मांग की। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर रास्ता खुलवाया और भरोसा दिया कि घटना में शामिल सभी लोगों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
बतौली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और मृत गायों के शव को ग्रामीणों की सहमति से वहीं पास के गड्ढे में दफन कराया। वाहन की तलाशी में सामने की सीट के नीचे से कुछ कागजात और मोबाइल सिम कार्ड मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पिकअप किसी निजी फाइनेंस कंपनी से खरीदा गया था और फिलहाल किसी तीसरे व्यक्ति के पास संचालित हो रहा था। पुलिस अब वाहन मालिक, पूर्व मालिक और स्थानीय पशु व्यापारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस अवैध परिवहन के पीछे कौन‑कौन लोग शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब इस मार्ग पर मवेशियों से भरा वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो। इससे पहले भी दो‑तीन बार रात के समय संदिग्ध वाहनों के पलटने या फंस जाने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उन मामलों में कड़ी कार्रवाई न होने से तस्करों का हौसला बढ़ा है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस केवल दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही तस्करी के नेटवर्क पर चोट करे, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके और निर्दोष पशुओं की जान बचाई जा सके।
कानून विशेषज्ञों के अनुसार बिना अनुमति पशुओं को ठूंसकर ले जाना न केवल क्रूरता निवारण कानून का उल्लंघन है, बल्कि गौ संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत भी गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर आरोपियों को कठोर कारावास और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गौ तस्करी, पशु क्रूरता और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जैसे‑जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उन व्यक्तियों के नाम भी जोड़े जाएंगे जो इस अवैध परिवहन की योजना और वित्तीय व्यवस्था में शामिल रहे हैं।
यह घटना प्रशासन के लिए भी बड़ा सवाल बनकर सामने आई है कि लगातार शिकायतों के बाद भी गौ तस्करी का सिलसिला क्यों नहीं थम पा रहा है। सीमावर्ती इलाकों और मुख्य मार्गों पर पर्याप्त बैरियर होने के बावजूद तस्कर कैसे बार‑बार पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर निकल जाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब इस रूट पर रात के समय विशेष गश्त बढ़ाई जाएगी, नाकों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के लिए अलग टीम तैनात की जाएगी।
Speeding pickup truck overturns in Batauli; 9 cows were loaded on board; 4 cows died, accused smuggler absconded
हादसे के बाद आसपास के गांवों के लोगों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि भविष्य में यदि कहीं भी मवेशियों से भरा संदिग्ध वाहन दिखे तो तुरंत पुलिस और गौसेवक संगठनों को सूचना दी जाएगी। कई युवाओं ने स्वयंसेवी निगरानी समूह बनाने की घोषणा की है, जो रात के समय गांव की सीमाओं और कच्चे रास्तों पर नजर रखेंगे। लोगों का मानना है कि जब तक समाज और प्रशासन मिलकर इस अवैध कारोबार के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक ऐसे हादसे और बेजुबान पशुओं की मौतें थमती नहीं दिखेंगी।
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