जशपुर में शुभांशु शुक्ला का ऐतिहासिक आगमन: 10 हजार युवाओं के बीच ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का भव्य स्वागत : Shubhanshu Shukla’s historic arrival in Jashpur

Uday Diwakar
5 Min Read

Shubhanshu Shukla’s historic arrival in Jashpur: जशपुर:​छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लिए दिन स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया। देश के गौरव, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक दिवसीय प्रवास पर शहर पहुँचे। रणजीता स्टेडियम में ‘इंडिया इन स्पेस’ थीम पर आधारित ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम का धूमधाम से आयोजन किया गया।

जब शुभांशु शुक्ला स्टेडियम पहुँचे, तो हजारों स्कूली बच्चों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साह के ठंडे स्वर में उनका स्वागत किया। जिले भर से लगभग 10 हजार छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बच्चे तिरंगे लेकर नारे लगाते हुए आगे आए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के मन में विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा जगाना था। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने मंच पर आकर बच्चों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रा के रोमांचक अनुभव सरल भाषा में साझा किए।

कार्यक्रम में विविध बौद्धिक और रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। शुभांशु शुक्ला ने बताया कि कैसे उन्होंने ए-एक्स 4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 18 दिनों तक वैज्ञानिक प्रयोग किए। उन्होंने कहा, “मेहनत, अनुशासन और जिज्ञासा से कोई भी अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सफल हो सकता है।” बच्चों ने रॉकेट मॉडल प्रदर्शित किए और शुक्ला जी से करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन लिया। जिला प्रशासन और आईडीवायएम के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा। स्थानीय विधायक और अधिकारी भी उपस्थित रहे।

शुभांशु शुक्ला का परिचय

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट, इंजीनियर और इसरो के चयनित अंतरिक्ष यात्री हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के मूल निवासी हैं। वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष से लौटने वाले दूसरे भारतीय हैं। 77वें गणतंत्र दिवस पर असाधारण साहस के लिए अशोक चक्र से सम्मानित हुए। भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान के लिए चार चयनित सदस्यों में शामिल हैं। उनकी यात्रा ने देश भर के युवाओं को प्रेरित किया है।

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

इससे पहले नवा रायपुर के राखी में आयोजित कार्यक्रम में शुभांशु शुक्ला शामिल हुए थे। वहाँ उन्होंने स्कूली बच्चों के रॉकेट का प्रक्षेपण शुरू किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उपस्थित थे। उसी दौरान छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ हुआ। यह केंद्र स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम, सैटेलाइट लैब और मिशन कंट्रोल से लैस है। जशपुर कार्यक्रम इसी श्रृंखला का हिस्सा था।

शुक्ला जी ने जोर देकर कहा कि भारत अंतरिक्ष शक्ति बन रहा है। दुनिया को हमसे बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने छात्रों को मेहनत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अंतरिक्ष मॉडल प्रदर्शनी, क्विज और वीडियो शो हुए। जशपुर के ग्रामीण इलाकों से आए बच्चे पहली बार ऐसे आयोजन में शामिल हुए। इससे स्थानीय स्तर पर विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। जिला कलेक्टर ने शुक्ला जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

Shubhanshu Shukla’s historic arrival in Jashpur

जशपुर आदिवासी बहुल जिला है। यहाँ साइंस के प्रति रुचि बढ़ाना चुनौतीपूर्ण रहा। यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय स्कूलों में स्पेस क्लब शुरू करने की योजना बनी। आईडीवायएम और सारडा ग्रुप ने वित्तीय सहायता दी। भविष्य में ऐसे आयोजन नियमित होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार युवा विकास पर फोकस कर रही है।

छत्तीसगढ़ में अंतरिक्ष शिक्षा को बढ़ावा देने की मुहिम तेज है। नवा रायपुर केंद्र के बाद जशपुर आयोजन महत्वपूर्ण कदम है। शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ प्रवास राज्य के लिए गौरव का विषय। युवा अब गगनयान जैसे मिशनों का सपना देख रहे। कार्यक्रम की झलकियां सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। स्थानीय मीडिया ने इसे प्रमुखता दी।

यह आयोजन न केवल मनोरंजन था, बल्कि शिक्षा का माध्यम बना। 10 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष प्रेरणा मिली। जशपुर अब अंतरिक्ष मानचित्र पर चमकेगा। शुभांशु शुक्ला का संदेश-“आकाश की ऊँचाइयों को छूने का सपना देखो”-लोगों के दिलों में बस गया। आने वाले समय में और ऐसे कार्यक्रम आयोजित हों, यही अपेक्षा है। ​

यह भी पढ़ें- सूरजपुर: हसदेव बचाओ आंदोलन में स्कूली छात्रों की भागीदारी पर प्रधान पाठक निलंबित

Share This Article
Leave a Comment