जर्जर सड़क खुद सुधारने पर बलरामपुर के शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस : Show Cause Notice Issued to Teachers of Balrampur for repairing Dilapidated Road Themselves

Uday Diwakar
6 Min Read

Show Cause Notice Issued to Teachers of Balrampur for repairing Dilapidated Road Themselves: बलरामपुर: बलरामपुर, छत्तीसगढ़ में शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा खुद अपनी सुविधा के लिए सड़क की मरम्मत करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना के कारण जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिससे यह मामला और भी गंभीरता पकड़ गया है।

image 36

Show Cause Notice Issued to Teachers of Balrampur for repairing Dilapidated Road Themselves

बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के खोखनिया गांव से गुजरने वाली सड़क जर्जर अवस्था में है, जिसकी जिम्मेदारी ठेकेदारों और संबंधित विभागों की है। यह सड़क सूरजपुर जिले को जोड़ती है और रोजाना दर्जनों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, व्यापारी और स्थानीय लोग इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण कई लोग परेशान थे, खासकर मानसून के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

इस समस्या का निदान न होने और विभाग द्वारा कोई प्रभावी कदम न उठाए जाने पर गांव के शिक्षक-शिक्षिका ने खुद ही फावड़ा, बेलचा लेकर सड़क पर पड़े गड्ढों को भरना शुरू कर दिया। यह वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में शिक्षकों के गढ्ढे भरने का कार्य साफ दिखाई देता है, जो ग्रामीणों और जनता के बीच खूब चर्चा में आया।

घटना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी डी.एन. मिश्रा ने शिक्षकों को नोटिस जारी किया है और कहा है कि नोटिस के जवाब के बाद ही आगे कार्रवाई संभव होगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह सड़क जंगल क्षेत्र में आती है, जहां वन विभाग से अनुमतियाँ नहीं मिली हैं, इसलिए सड़क निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा बलरामपुर और सूरजपुर जिलों के बीच सीमा विवाद भी इस सड़क के निर्माण में बाधा है।

image 37

छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य हिस्सों में भी सड़क और बुनियादी संरचना की समस्याएँ आम हैं, जहाँ लोगों को सुविधा न मिलने के कारण कई बार खुद आगे आना पड़ता है। बलरामपुर के इस मामले में शिक्षक-शिक्षिका की पहल को आम जनता ने सराहा है क्योंकि उन्होंने सरकार की लापरवाही को सामने लाकर अपनी समस्या का समाधान अपने बलबूते खोजा।

हालांकि इस कृत्य को लेकर विभाग साहब नाराज़ हैं और इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें जवाब देने को कहा है। इस निर्णय ने स्थानीय स्तर पर शिक्षकों के समर्थन और विरोध दोनों पहलुओं को जन्म दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह सरकार की नाकामी का आईना है, जब जनता अपनी समस्याओं का समाधान खुद कर रही है तो इसका मतलब है कि शासकीय तंत्र काम नहीं कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पहलु पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सुधारों की माँग की है।

सड़क की हालत की बात करें तो यह मार्ग लगभग एक किलोमीटर लंबा कच्चा सड़क है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत आता है। लेकिन यह हिस्सा कई वर्षों से निर्माण या मरम्मत के लिए पेंडिंग है, क्योंकि वन विभाग की मंजूरी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी होती रही है। दोनों जिलों के बीच भूमि विवाद भी समस्याओं को बढ़ा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार भारी वाहन खराब राष्ट्रीय सड़क NH-343 की जगह इस कच्चे मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सड़क की स्थिति और भी बिगड़ती जा रही है।

इस पूरे मामले ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी दिखाता है कि जब सरकारी व्यवस्था फेल हो जाती है, तो आम आदमी अपनी समस्याओं का समाधान खुद खोजने को मजबूर हो जाता है।

शिक्षकों के इस कदम ने समाज में जागरूकता भी बढ़ाई है कि अगर हम मिलकर काम करें तो कुछ सुधार संभव हैं, लेकिन साथ ही यह भी ज़रूरी है कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करे, ताकि लोग इस तरह की मजबूरी न झेलें।

इस मामले में आगे की कार्रवाई और विभाग का रुख क्या रहेगा, यह देखने वाली बात होगी कि क्या सरकार और प्रशासन इस पहल को नकारते हैं या फिर इसे एक सीख मान कर ग्राम सैन्य ढांचे को सुधारने की दिशा में काम करेगा।

यह घटना छत्तीसगढ़ के विकास और शासकीय तंत्र की चुनौतियों को उजागर करती है, जिससे सभी संबंधित एजेंसियों को अपनी भूमिका पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें- सूरजपुर में चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण का मामला, पांच गिरफ्तार

Share This Article
Leave a Comment