Second phase of Congress spokesperson selection held today in Raipur: सरगुजा:अंबिकापुर। भारतीय कांग्रेस ने अपने नए प्रवक्ताओं और मीडिया पैनलिस्टों के चयन को एक अनोखे प्रतियोगी अभियान के रूप में प्रस्तुत किया है, जो पार्टी की युवा और प्रतिभाशाली नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। कुछ दिनों पूर्व सरगुजा संभाग स्तर पर आयोजित साक्षात्कार और लेखन कौशल मूल्यांकन में भाग लेने वाले सभी ऑनलाइन पंजीकृत आवेदकों ने राजीव भवन, अंबिकापुर में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। अब इस अभियान का अगला चरण आज सुबह 10 बजे कांग्रेस भवन, रायपुर में शुरू हो गया है, जहां प्रदेश भर से चयनित प्रतिभागी साक्षात्कार, सामूहिक विमर्श और अन्य लेखन-पठन परीक्षाओं में हिस्सा ले रहे हैं। अभियान के रीजनल कॉर्डिनेटर और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को पहले ही सभी आवश्यक दिशा-निर्देश ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिए गए हैं।
यह अभियान न केवल कांग्रेस की मीडिया रणनीति को नई ऊर्जा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्य में पार्टी की आवाज को और मजबूत बनाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल बंशीवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “यह अभियान युवाओं को मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। हम चाहते हैं कि हमारे प्रवक्ता न केवल वाक्पटु हों, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर गहन विश्लेषण करने वाले भी हों।” आज रायपुर पहुंचे चयनित उम्मीदवारों की संख्या करीब 150 बताई जा रही है, जो सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर जैसे सभी संभागों से हैं। इनमें युवा छात्र, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व सरकारी अधिकारी शामिल हैं, जो कांग्रेस की विचारधारा से प्रेरित होकर इस अवसर का लाभ उठाने पहुंचे हैं।
कांग्रेस का यह प्रतियोगी अभियान अगस्त 2025 में शुरू हुआ था, जब पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए थे। छत्तीसगढ़ इकाई ने प्रदेश स्तर पर इसे लागू करते हुए पहले चरण में संभागीय स्तर पर परीक्षाएं आयोजित कीं। सरगुजा संभाग में 19 दिसंबर से ठीक पहले अंबिकापुर के राजीव भवन में हुए मूल्यांकन में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यहां लेखन परीक्षा में प्रतिभागियों को 30 मिनट में सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर 500 शब्दों का निबंध लिखना था, जबकि साक्षात्कार में 10 मिनट के भीतर टीवी डिबेट स्टाइल में बहस करनी पड़ी। चयन समिति में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और मीडिया विशेषज्ञ शामिल थे।
अनुपम फिलिप ने बताया, “पहले चरण में 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागी चयनित हुए हैं। आज रायपुर में होने वाले दूसरे चरण में साक्षात्कार के साथ-साथ ग्रुप डिस्कशन होगा, जहां उम्मीदवारों को वर्तमान मुद्दों जैसे नक्सलवाद, किसान कर्जमाफी, बेरोजगारी और आदिवासी अधिकारों पर अपनी राय रखनी होगी। इसके अलावा, एक राइटिंग टेस्ट भी होगा, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट और प्रेस रिलीज ड्राफ्टिंग शामिल है।” यह प्रक्रिया दोपहर 2 बजे तक चलेगी, उसके बाद चयनित उम्मीदवारों को तीसरे चरण—राष्ट्रीय स्तर के लिए—की सूचना दी जाएगी। फिलिप ने जोर देकर कहा कि आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन किया जा रहा है, जिसमें एससी-एसटी-ओबीसी के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की मीडिया चुनौतियां और यह अभियान क्यों जरूरी?
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा से हार गई थी, और मीडिया वारफेयर में पीछे रह गई थी। भाजपा के आक्रामक सोशल मीडिया कैंपेन और टीवी डिबेट्स में कांग्रेस के प्रवक्ता अक्सर कमजोर नजर आए। इस अभियान के जरिए पार्टी न केवल नए चेहरों को ला रही है, बल्कि उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी देगी। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख ने कहा, “हमारे नए पैनलिस्ट्स को नेशनल लेवल पर टीवी चैनलों जैसे आज तक, इंडिया टीवी और न्यूज 18 पर भेजा जाएगा। वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविकता, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और केंद्र की नीतियों का खुलकर विरोध करेंगे।”
यह अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘नए भारत, नई कांग्रेस’ विजन का हिस्सा है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में भी इसी तरह के अभियान चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ में यह खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य नक्सलवाद, आदिवासी मुद्दों और कोयला खनन जैसे संवेदनशील विषयों का केंद्र है। चयनित प्रवक्ताओं को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें मीडिया एथिक्स, फेक न्यूज काउंटरिंग और डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण शामिल होगा। एक चयनित उम्मीदवार, जो सरगुजा से हैं, ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह मेरे लिए सपने जैसा है। मैं आदिवासी मुद्दों पर बोलना चाहता हूं, और कांग्रेस मुझे यह मंच दे रही है।”
Second phase of Congress spokesperson selection held today in Raipur
प्रदेश भर से रायपुर पहुंचे चयनित उम्मीदवारों में उत्साह का खुमार है। बिलासपुर से आईं नेहा वर्मा, जो एक फ्रीलांस पत्रकार हैं, बताती हैं, “पहले चरण में मैंने महिलाओं की सुरक्षा पर निबंध लिखा था। अब ग्रुप डिस्कशन में बेरोजगारी पर फोकस करूंगी।” इसी तरह, दुर्ग के रवि साहू, जो पूर्व छात्र नेता हैं, कहते हैं, “कांग्रेस को युवा आवाज चाहिए, और हम तैयार हैं।” बस्तर से आए आदिवासी युवा सोमेश ठाकुर ने नक्सल समर्पण नीति पर अपनी राय साझा की। सभी उम्मीदवारों को कल रात ही कॉल लेटर मिला था, जिसमें समय, स्थान और दस्तावेजों की सूची थी। कांग्रेस भवन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है, और लाइव स्ट्रीमिंग भी की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
भाजपा ने इस अभियान पर तंज कसा है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “कांग्रेस को प्रवक्ता ढूंढने पड़ रहे हैं, क्योंकि उनके पास योग्य लोग ही नहीं हैं।” वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसे सकारात्मक बताया। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ये नए प्रवक्ता 2028 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूत बनाएंगे। चयन प्रक्रिया के अंत में टॉप 20 उम्मीदवारों को मीडिया पैनल में जगह मिलेगी, जबकि बाकी को जिला स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
यह अभियान छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। युवाओं को सशक्त बनाने वाली यह पहल न केवल कांग्रेस बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगी। जैसा कि अनुपम फिलिप ने कहा, “हमारी आवाज न केवल तेज होगी, बल्कि सशक्त भी।” आज के इस चरण के नतीजे जल्द ही घोषित होंगे, और सभी की नजरें चयनित चेहरों पर टिकी हैं।
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