Sanjay Park15 Deer Killed: सरगुजा:अंबिकापुर।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में स्थित संजय पार्क (संजय वन वाटिका) में वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्क के बाड़े की सुरक्षा में चूक के कारण देर रात करीब 3 बजे 4-5 आवारा कुत्ते हिरणों के बाड़े में घुस आए और उन पर हमला बोल दिया। इस भयानक घटना में 14 हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल हिरण का उपचार चल रहा था। रविवार सुबह उसकी भी दर्दनाक मृत्यु हो गई, जिससे कुल 15 हिरणों की जान चली गई।
संजय पार्क वन विभाग का एक प्रमुख रेस्क्यू सेंटर है, जहां हिरण, कोटरा, बारहसिंगा, मोर समेत विभिन्न वन्यजीव रखे जाते हैं। घटना वाली रात बाड़े का गेट खुला रह जाने से आवारा कुत्ते अंदर घुस आए। पार्क प्रबंधन की लापरवाही के कारण निगरानी की कमी रही, जिसका खामियाजा इन मासूम हिरणों को भुगतना पड़ा। हमले के बाद 14 हिरणों के शवों को पार्क के पीछे जंगल में जला दिया गया, जबकि एक घायल हिरण को उपचार के लिए ले जाया गया। लेकिन रविवार सुबह उसकी भी सांसें थम गईं।
पार्क में कुल 31 हिरण थे, अब केवल 16 बचे हैं। यह घटना वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पार्क के आसपास आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, जो पहले भी खतरा पैदा कर चुके हैं। अंबिकापुर में पिछले कुछ महीनों में कुत्तों के हमलों से 1100 से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं, जो इस समस्या की गंभीरता दर्शाता है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। डीएफओ अभिषेक जोगावत ने डिप्टी रेंजर, फॉरेस्ट गार्ड्स और बीट गार्ड सहित 4 अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया। रेंजर को नोटिस जारी किया गया है। अंबिकापुर एसडीओ (वन) के नेतृत्व में 3 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसे 2 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। डीएफओ ने कहा, “जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।” पार्क को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
वन मंत्री और जिला कलेक्टर ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। स्थानीय विधायक ने वन्यजीव संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। पुलिस ने भी पार्क क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की कमजोरियों को उजागर करती है। संजय पार्क जैसे केंद्रों में सीसीटीवी, मजबूत बाड़ाबंदी और रात्रिकालीन गश्त की कमी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा पूरे राज्य में फैला हुआ है, जिसके लिए नसबंदी और पशु आश्रयों की जरूरत है। सरगुजा जैसे वन्य क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है, जो प्रशासन के लिए चुनौती है।
Sanjay Park15 Deer Killed
स्थानीय पत्रकारों और पर्यावरण प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर इसकी निंदा की है। पूर्व में हाथी हमलों जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या वन विभाग अब सुधार करेगा या यह सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगी?
प्रशासन ने पार्क में नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है, जिसमें इलेक्ट्रिक फेंसिंग, डॉग स्क्वायड और 24×7 निगरानी शामिल है। जिला पंचायत ने आवारा कुत्तों के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे पार्क क्षेत्र में सतर्क रहें। यह घटना वन्यजीव प्रेमियों के लिए है।
यह भी पढ़ें-नकना योजना भ्रष्टाचार मैनपाट








