Reduce road accidents in Ambikapur 10 black spots have been identified: सरगुजा:अंबिकापुर। अंबिकापुर में सड़क हादसे कम करने के लिए जिले में 10 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर विभिन्न विभाग मिलकर सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने का उद्देश्य
सरगुजा जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन ने उच्च स्तर पर समीक्षा की। इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट के आधार पर उन स्थानों की पहचान की गई, जहां पिछले कुछ वर्षों में अधिक दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं। इन दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों को ही ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया, ताकि वहां विशेष उपाय किए जा सकें।
रविवार को सरगुजा पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने इन 10 ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात प्रभारी तथा एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर शामिल रहे। टीम ने मौके पर यातायात दबाव, सड़क की चौड़ाई, मोड़, ढलान और साइन बोर्ड की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया।
शहर और आसपास के प्रमुख ब्लैक स्पॉट
चिह्नित 10 ब्लैक स्पॉट में से 6 अंबिकापुर शहर क्षेत्र में हैं, जबकि बाकी बाहरी मार्गों पर स्थित हैं। इनमें लुचकी घाट काली मंदिर के निकट, लुंड्रा चौक से पूनम फ्यूल्स, बनारस रोड तरणताल से बाबरा पेट्रोल पंप, रिंग रोड बिलासपुर चौक से आदित्य ज्योति होटल, रिंग रोड आकाशवाणी चौक से विशाल मेगा मार्ट के आस-पास के हिस्से शामिल हैं। इसके अलावा चांदनी चौक से शहीद चौक, नवापारा चौक से संगवारी स्वास्थ्य केंद्र तथा बतौली क्षेत्र के कुछ हिस्सों को भी अधिक दुर्घटनाजन्य माना गया है।
निरीक्षण के दौरान जिन खामियों की पहचान हुई, उन्हें दूर करने के लिए अलग-अलग सुझाव तैयार किए गए हैं। इन स्थानों पर रिफ्लेक्टर, रंबल स्ट्रिप, रेडियम युक्त चेतावनी बोर्ड, स्ट्रीट लाइट और गति नियंत्रण संकेतक लगाने की योजना बनाई गई है। जहां सड़क की ज्यामिति समस्या पैदा कर रही है, वहां मोड़ चौड़ा करने, डिवाइडर बनाने या स्पीड ब्रेकर लगाने जैसे इंजीनियरिंग समाधान लागू किए जाएंगे।
Reduce road accidents in Ambikapur 10 black spots have been identified
संयुक्त टीम इन सभी 10 ब्लैक स्पॉट की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन और शासन को भेजेगी। रिपोर्ट के आधार पर बजट स्वीकृति के बाद निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू किए जाएंगे, जिनकी मॉनिटरिंग पुलिस और राजमार्ग प्राधिकरण संयुक्त रूप से करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यदि निर्धारित समय में सुधारात्मक कदम लागू हो जाते हैं तो जिले में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
यह भी पढ़ें-देह व्यापार के प्रकरण में महिला थाना अंबिकापुर द्वारा की गई कार्रवाई में पुरुष आरोपियों की फोटो