Rape Threats Against DSP’s Daughter: सरगुजा:अंबिकापुर/बस्तर: छत्तीसगढ़ के अपराधी दुनिया में एक ऐसी सनसनीखेज साजिश ने हंगामा मचा दिया, जो पुलिस महकमे को ही हिला गई। एक DSP की बेटी को गैंगरेप की खौफनाक धमकी देकर अपहरण की भयानक योजना रचने वाले 5 कुख्यात बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया। यह वारदात नक्सल प्रभावित क्षेत्र में घटी, जहां अपराधी पुलिस अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। पीड़िता की हिम्मत और पुलिस की फुर्ती ने अपराधियों के दांत खट्टे कर दिए। समाज में दहशत फैलाने वाली यह साजिश अब न्याय की चक्की में पिस रही है।
मामला बस्तर संभाग के एक जिले का है, जहां DSP की 20 वर्षीय बेटी कॉलेज लौट रही थी। अचानक उसके फोन पर एक अज्ञात नंबर से गैंगरेप की फोन पर धमकी मिली। अपराधी बोले, “तुम्हें अगवा कर गैंगरेप करेंगे, पापा को नक्सलियों के हवाले कर देंगे।” डर के मारे बेटी ने तुरंत पिता को बताया। DSP ने बिना वक्त गंवाए उच्च अधिकारियों को सूचित किया। जांच में पता चला कि 5 युवक—रामू, श्यामू, बिंदा, कल्लू और मुन्ना—महीनों से पीड़िता पर नजर रखे हुए थे। वे रंग-बिरंगी बाइकों पर घूमते, फोटो खींचते और सोशल मीडिया पर रेकी करते। उनका मकसद था DSP को ब्लैकमेल कर नक्सली गतिविधियों में ढील दिलवाना।

पुलिस ने फर्जी नंबर ट्रेस कर लोकेशन पकड़ ली। विशेष टीम ने जंगल छिपे ठिकाने पर छापा मारा।मोबाइल और नक्सली लिंक वाले दस्तावेजों समेत गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये नक्सल समर्थक गुट के एजेंट थे, जो उच्च पुलिस अधिकारियों के परिवारों को टारगेट कर रहे। IPC की धारा 364A (अपहरण), 506 (धमकी), 384 (जबरन वसूली) और IT एक्ट के तहत केस दर्ज। SP ने कहा, “हमारी बेटियां सुरक्षित रहेंगी, अपराधी जेल की सलाखों के पीछे सड़ेंगे।” आरोपी कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया।
यह पहली घटना नहीं। छत्तीसगढ़ में नक्सली अब सीधे पुलिसवालों पर नहीं, बल्कि उनके परिवार पर तीर चला रहे। दंतेवाड़ा में हाल ही एक SI की पत्नी को धमकी मिली, सुकमा में थाना प्रभारी के बेटे का अपहरण प्रयास नाकाम हुआ। अपराधी सोशल मीडिया का सहारा ले रहे—फेक अकाउंट से फोटो शेयर कर डराते। विशेषज्ञ कहते हैं, नक्सलवाद कमजोर पड़ने पर ये कायराना हरकतें बढ़ रही। सरकार को चाहिए सख्त साइबर सिक्योरिटी और परिवार सुरक्षा योजना।
Rape Threats Against DSP’s Daughter
DSP बेटी ने डटकर मुकाबला किया। “मैं डरी नहीं, पुलिस है ना,” उसने कहा। उसकी शिकायत से 48 घंटे में साजिश ध्वस्त। महिला संगठनों ने समर्थन जताया, रैली निकाली। अब पीड़िता काउंसलिंग ले रही। यह केस बेटियों को संदेश देता—आवाज उठाओ, न्याय मिलेगा।
समाज का सवाल: अपराध पर लगाम कब?
छत्तीसगढ़ में क्राइम ग्राफ चढ़ रहा। गैंगरेप धमकियां, अपहरण साजिशें—कानून का राज कायम करने की चुनौती। पुलिस की तत्परता सराहनीय, लेकिन जड़ें मजबूत करो। ग्रामीणों ने मांग की—सीसीटीवी, पेट्रोलिंग बढ़ाओ। CM ने मामले का संज्ञान लिया, हाईलेवल जांच बैठाई। न्याय मिलेगा, अपराधी सजा भुगतेंगे। बेटियां बेफिक्र घूमें, यही असली जीत।
यह भी पढ़ें-कोंडागांव में शिक्षक का शर्मनाक अपराध: शादी का लालच देकर युवती से दुष्कर्म








