रामानुजगंज कोआपरेटिव बैंक में किसानों के नाम फर्जी लोन पास कर ₹8 लाख का गबन : Ramanujganj Cooperative Bank embezzled ₹8 lakh by passing fake loans in the name of farmers

Uday Diwakar
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  • डीएमआर खाते से नियम विरुद्ध पैसा निकाला गया।
  • बैंक के ब्रांच मैनेजर, कैशियर और कर्मचारियों द्वारा गिरोह बनाकर किया गया गबन।

Ramanujganj Cooperative Bank embezzled ₹8 lakh by passing fake loans in the name of farmers: बलरामपुर: रामानुजगंज कोआपरेटिव बैंक में एक नया घोटाला सामने आया है, जहां किसानों के नाम पर करीब 8 लाख रुपये का फर्जी लोन पास कर पैसे निकाल लिए गए। यह मामला बैंक की नियमों और सरकार की नीतियों के खिलाफ है, जिसमें डीएमआर खाते से नियम विरुद्ध तरीके से पैसे का आहरण किया गया।

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Ramanujganj Cooperative Bank embezzled ₹8 lakh by passing fake loans in the name of farmers

यह फर्जी लोन एक ही गांव के पांच किसानों के नाम से पास किया गया है। लोन की रिकवरी नोटिस मिलने के बाद ही किसानों को इस लोन के बारे में पता चला। जांच में पता चला है कि बैंक के कुछ अधिकारी और कर्मचारी मिलकर इस गबन को अंजाम दे रहे थे।

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रामानुजगंज पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज की है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारियां भी शुरू कर दी हैं। बैंक के अधिकारियों और गिरोह के सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच में कई आशयकारी दस्तावेज और खातों की छानबीन की जा रही है। इस गिरोह ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये फर्जीवाड़ा कर शासकीय राशि का गबन किया है।

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में बैंक के ब्रांच मैनेजर, कैशियर और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। आरोपी शंकर राम भगत (ब्रांच मैनेजर) ने संगठित गिरोह बनाकर फर्जी समितियों का प्रस्ताव, चेकबुक और जमा-निकासी पर्ची के माध्यम से शासकीय राशि का आहरण किया। इस राशि से ट्रैक्टर और पिकअप जैसी महंगी संपत्तियां खरीदी गईं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। अन्य आरोपियों में मनोज विश्वास, राजेश पाल और विजय उइके शामिल हैं।

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पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार हैं। सभी आरोपियों की संपत्ति की जांच भी जारी है। इस बीच रामानुजगंज थाना पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच करते हुए कई बैंक खातों और दस्तावेजों की पड़ताल की है।

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यह मामला न केवल बैंकिंग धोखाधड़ी का, बल्कि सरकारी धन की बड़ी मांगनी और शाखा की संस्थागत गड़बड़ी का भी गंभीर उदाहरण है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस गम्भीरता से इस घोटाले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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