Raipur to Naxal-Affected Villages Chhattisgarh’s Independence Day 2025: रायपुर : 15 अगस्त 2025 को पूरे भारतवर्ष की भांति छत्तीसगढ़ में भी स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। यह दिन भारत के आधिकारिक स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ थी, जो आजादी के लिए हुए अनगिनत बलिदानों की याद दिलाता है।
छत्तीसगढ़, जो देश के नए और तेजी से विकसित होते राज्यों में से एक है, ने इस अवसर को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं विकास के सशक्त संदेश के रूप में मनाया। इस रिपोर्ट में हम छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस समारोह, राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई घटनाओं, और प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक परिवेश पर इसका प्रभाव विस्तार से देखेंगे।

Raipur to Naxal-Affected Villages Chhattisgarh’s Independence Day 2025 मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तिरंगा फहराना
15 अगस्त की सुबह रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर समारोह का शुभारंभ किया। इस पल में उपस्थित हजारों नागरिकों, अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और विद्यार्थियों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया। मुख्यमंत्री ने झंडा फहराने के बाद परेड की सलामी ली और राज्य के विभिन्न पुलिसकर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया।
उन्होंने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन केवल आज़ादी का जश्न नहीं, बल्कि उन सभी नायकों की याद दिलाने वाला पर्व है जिन्होंने देश को स्वतंत्र कराने में अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि देश के विकास को और मजबूत बनाने के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा।
वीरता पुरस्कार वितरण
स्वतंत्रता दिवस समारोह में 25 पुलिसकर्मियों को उनके बहादुरी भरे कार्यों और उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक, वीरता पदक और सराहनीय सेवा पदक से नवाजा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन सुरक्षाकर्मियों के साहस और समर्पण को सराहा और कहा कि ये पदक उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को ऐसे बहादुर जवानों पर गर्व होना चाहिए, जिनके कारण हमारा जीवन सुरक्षित है और हम स्वतंत्रता का आनंद पा रहे हैं।
स्वतंत्रता दौड़: युवाओं का जोश और देशभक्ति
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रायपुर के मरीन ड्राइव में “स्वतंत्रता दौड़” का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हजारों युवाओं के साथ भाग लिया। इस दौड़ का मकसद युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना था। मुख्यमंत्री ने दौड़ के दौरान दौड़ रहे युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि तिरंगा हमारे देश की वीरता, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। हमें इसका सम्मान करते हुए राष्ट्र सेवा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वतंत्रता दिवस
छत्तीसगढ़ के पश्चिमी हिस्से, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का आयोजन ऐतिहासिक था। 14 ऐसे गांवों में जहां दशकों तक नक्सलवाद के कारण स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं हो सके थे, वहां पहली बार बड़े स्तर पर तिरंगा फहराने और जश्न मनाने की अनुमति मिली। इस पहल का उद्देश्य इन क्षेत्रों को मुख्यधारा में शामिल करना, शांति एवं विकास की ओर बड़ा कदम बढ़ाना था।
राज्य सरकार ने इन गांवों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल कूद, और विकास योजनाओं की शुरुआत भी की। इससे स्थानीय लोगों में आत्मविश्वास और राज्य के प्रति जुड़ाव में वृद्धि हुई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय संस्कृतियों का प्रदर्शन हुआ। लोक नृत्य, संगीत, और नाटक के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने में सहायक रहा।
शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ विभिन्न सामाजिक समूहों और अधिकारियों ने मिलकर एकता और सौहार्द की भावना को और मजबूत किया।
राज्य सरकार की पहल और विकास के लक्ष्य
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को सिर्फ आयोजनों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे राज्य के विकास और सुरक्षित जीवन के संदेश के साथ जोड़ा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत का 100वां स्वतंत्रता दिवस होगा, जिसे और भी अधिक प्रगति और समृद्धि के साथ मनाना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया है।
सरकार ने नए औद्योगिक परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि सुधारों और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के कई योजनाएं भी घोषित की हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ के लिए बेहतर भविष्य बनाना है।
शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों की भागीदारी
प्रदेश के सभी शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों ने भी स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में सक्रिय भागीदारी दिखाई। स्कूलों और कॉलेजों में देशभक्ति के गीतों, नाटकों, और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद करते हुए अपने आप को देश की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया।
इसी तरह, विभिन्न सामाजिक संगठनों और एनजीओ ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियानों, रक्तदान शिविरों, और पौधरोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया।
15 अगस्त 2025 का स्वतंत्रता दिवस छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणास्त्रोत रहा। इस दिन न केवल राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना मजबूत हुई, बल्कि प्रदेशवासियों में विकास और शांति के प्रति भी आशा और संकल्प को नई दिशा मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह दिन छत्तीसगढ़ की नयी यात्रा की शुरुआत है, जो वर्ष 2047 तक राज्य को प्रगति, समृद्धि और सामाजिक समरसता के पथ पर ले जाएगी।
इस पर्व ने याद दिलाया कि आज़ादी की कीमत अनमोल है और हमें अपने देश को हमेशा सम्मान, सुरक्षा और विकास की ओर बढ़ाना है। छत्तीसगढ़ की जनता ने इस दिन को हर्षोल्लास के साथ मनाकर यह संदेश दिया कि वे अपने स्वतंत्र भारत के नागरिक होने पर गर्व महसूस करते हैं और अपने भविष्य को स्वर्णिम बनाने के लिए तैयार हैं।
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