Preparations for a Historic Welcome on Rajesh Agrawal’s Arrival in Surguja after Becoming a Cabinet Minister: सरगुजा : प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार सरगुजा पहुंच रहे मंत्री राजेश अग्रवाल के स्वागत की तैयारियों ने पूरे ज़िले में माहौल को बेहद उत्साहपूर्ण बना दिया है। भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और आम नागरिक – सभी इसे ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। हर गली, हर मार्ग और हर गांव कस्बे में स्वागत की गूंज सुनाई दे रही है।
तारा सीमा से होगा स्वागत का आरंभ
मंत्री राजेश अग्रवाल का प्रवेश 28 अगस्त की सुबह 11 बजे सरगुजा जिले की सीमा तारा से होगा। यहां कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ उन्हें बैंड, बाजा, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच प्रथम अभिनंदन देगी। रास्ते में ग्रामीणों ने पारंपरिक स्वागत की योजना बनाई है। स्थानीय समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह क्षण सरगुजा की राजनीति के लिए ऐतिहासिक होगा क्योंकि पहली बार कोई स्थानीय नेता इतने बड़े पद पर पहुंचा है।
Preparations for a Historic Welcome on Rajesh Agrawal’s Arrival in Surguja after Becoming a Cabinet Minister मार्ग में हर कदम पर स्वागत
तारा से उदयपुर और लखनपुर होते हुए उनका काफिला अंबिकापुर पहुंचेगा। पूरे मार्ग पर जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए हैं। कई स्थानों पर फूल-मालाओं से तोरण द्वार सजाए जा रहे हैं। महिलाएं मंगलगीत गाकर स्वागत करेंगी, तो युवाओं की टीम नृत्य-झांकियों से रंग भरेंगी। लखनपुर में मंत्री के अभिनंदन के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकठ्ठा होने की संभावना है।
संकल्प भवन में होगा भव्य समारोह
अंबिकापुर स्थित संकल्प भवन भाजपा कार्यालय मंत्री स्वागत का मुख्य केंद्र होगा। लगभग चार बजे उनके पहुंचने की संभावना है। यहां भव्य समारोह आयोजित होगा जिसमें वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी, प्रदेश व क्षेत्रीय नेता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। मंत्री को शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। मंच से उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया जाएगा और जनता की ओर से स्वागत-संदेश दिए जाएंगे।
राजेश अग्रवाल के कैबिनेट में शामिल होने को भाजपा संगठन सरगुजा की राजनीतिक ताकत के रूप में देख रहा है। लम्बे समय से यहां के कार्यकर्ताओं को उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व का इंतजार था। अब क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री बनने पर कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इससे न केवल भाजपा को बल्कि पूरे सरगुजा संभाग को विकास के नए अवसर मिलेंगे।
स्थानीय लोगों को इस बात की विशेष उम्मीद है कि मंत्री बनने के बाद राजेश अग्रवाल क्षेत्रीय समस्याओं को प्राथमिकता देंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं पर फोकस की मांग सबसे प्रमुख है। ग्रामीण अंचल के किसान सिंचाई योजनाओं और बेहतर समर्थन मूल्य की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, युवा वर्ग रोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जुड़ी नई पहल की राह देख रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं में मानो नया उत्सव छा गया हो। जिलाध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक, हर कार्यकर्ता मंत्री स्वागत को यादगार बनाने में जुटा है। कई जगहों पर रातभर बैनर-पोस्टर लगाने का काम जारी है। उत्साह की लहर ऐसी है कि लोग इसे केवल नेता का स्वागत नहीं, बल्कि पूरे सरगुजा की प्रतिष्ठा का सम्मान मान रहे हैं।
सिर्फ भाजपा संगठन ही नहीं, बल्कि सरगुजा के कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। विशेषकर महिला मंडल, व्यापारी संघ और छात्र संगठनों की ओर से तैयारी हो रही है। पारंपरिक समाज अपनी-अपनी वेशभूषा और नृत्य-गीतों के माध्यम से स्वागत करेगा। प्रशासन भी सुरक्षा व यातायात की व्यवस्था में जुटा है ताकि भीड़ के बावजूद कोई अव्यवस्था न हो।
राजेश अग्रवाल की राजनीतिक यात्रा
अंबिकापुर से विधायक रहे राजेश अग्रवाल हमेशा सरलता, सहज व्यवहार और संगठन के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। व्यवसाय और समाजसेवा से राजनीति में आए अग्रवाल ने धीरे-धीरे आम जनता से गहरा जुड़ाव बनाया। उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने से स्थानीय लोगों का मनोबल बढ़ा है। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें कैबिनेट में स्थान देकर यह संकेत दिया है कि सरगुजा क्षेत्र अब विकास योजनाओं के केंद्र में होगा।
देखा जाए तो पूरा स्वागत सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सरगुजा की जनता की खुशी और विश्वास का प्रतीक है। लोग इसे ऐतिहासिक दिन के रूप में देख रहे हैं। जहां-जहां मंत्री का काफिला गुजरेगा, वहां जोश और ऊर्जा का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
28 अगस्त का दिन सरगुजा के लिए खास होने वाला है। कैबिनेट मंत्री के रूप में पहली बार जब राजेश अग्रवाल अपने गृहक्षेत्र अंबिकापुर पहुंचेंगे, तो स्वागत महज़ एक राजनीतिक औपचारिकता नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की भावनाओं और आकांक्षाओं का प्रतीक होगा। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के प्रयास इसे ऐतिहासिक रंग देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। निश्चित ही यह दिन आने वाले समय में सरगुजा की राजनीति और विकास यात्रा की नई शुरुआत के रूप में याद रखा जाएगा।
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