बलरामपुर के राजपुर, शंकरगढ़ में पुलिस ने मनाया शस्त्र पूजन उत्सव : Police celebrated arms worship festival in Rajpur, Shankargarh of Balrampur

Uday Diwakar
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Police celebrated arms worship festival in Rajpur, Shankargarh of Balrampur: बलरामपुर:बलरामपुर के राजपुर, शंकरगढ़, बरियॉं व पस्ता थानों में विजयादशमी के पावन अवसर पर हिंदू परंपरा के अनुरूप भव्य शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस धार्मिक उत्सव में थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने मंत्रोच्चार के साथ अपने हथियारों का विधिपूर्वक पूजन कर समाज की सुरक्षा हेतु समर्पित होने की शपथ ली।

राजपुर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि शस्त्र पूजन हिंदू परंपरा की एक प्राचीन धार्मिक क्रिया है, जो हर दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की विजय और सुरक्षा के प्रतीक स्वरूप की जाती है। उन्होंने कहा कि इस पूजा से पुलिसकर्मियों में अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पण और शक्ति का संचार होता है।

शस्त्र पूजन कार्यक्रम के दौरान मां दुर्गा की आरती के साथ पुलिस के विभिन्न हथियारों जैसे बंदूक, राइफल, पिस्टल सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों को फूल, अक्षत और तिलक से सजाकर पूजा अर्चना की गई। यह पूजा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पुलिस लाईन सहित राजपुर, शंकरगढ़, बरियॉं व पस्ता थाना परिसरों में संपन्न हुई।

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Police celebrated arms worship festival in Rajpur, Shankargarh of Balrampur

पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय, डीएसपी जितेंद्र खूंटे, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी भी इस धार्मिक आयोजन में उपस्थित रहे और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने शस्त्रों का सदैव सम्मान करने और उनका उपयोग समाज की सुरक्षा के लिए निष्ठापूर्वक करने का संदेश दिया।

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यह शस्त्र पूजन समारोह पुलिस विभाग की परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने का माध्यम भी है, जो जिले में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस के समर्पण को दर्शाता है। थाना-चौकी स्तर पर भी उक्त परंपरा का पालन किया गया, जहाँ अधिकारी और कर्मचारी शस्त्र पूजन कर अपने कर्तव्य निभाने की प्रतिबद्धता जताई।

इस प्रकार बलरामपुर जिले में विजयादशमी के शुभ अवसर पर पुलिस द्वारा आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और कर्तव्यनिष्ठा के संगम को प्रदर्शित किया, जिससे समाज में सुरक्षा और न्याय के प्रति विश्वास और बढ़ा।

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