Pixel 10 series will have WhatsApp Calling Without Network: गूगल ने 20 अगस्त 2025 को अपने ‘मेड बाय गूगल’ (Made by Google) इवेंट में अपनी फ्लैगशिप पिक्सेल 10 सीरीज को लॉन्च किया, जिसने टेक्नोलॉजी की दुनिया में तहलका मचा दिया। इस लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद गूगल ने एक नई और क्रांतिकारी खासियत की घोषणा की है। अब पिक्सेल 10 सीरीज के स्मार्टफोन में यूजर्स व्हाट्सएप पर वॉयस और वीडियो कॉलिंग सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भी कर सकेंगे, भले ही वे मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई कवरेज से बाहर हों। यह सुविधा तकनीक के लिहाज से एक बड़ा कदम है और मोबाइल कम्युनिकेशन को पूरी तरह बदल सकती है।

Pixel 10 series will have WhatsApp Calling Without Network क्या है यह नया फीचर?
पिक्सेल 10 यूजर्स को अब अपने फोन में व्हाट्सएप के जरिए वॉयस और वीडियो कॉलिंग करने की आज़ादी मिलेगी, भले ही वे नेटवर्क कवरेज वाले क्षेत्र से बाहर हों। इसका मतलब है कि जब भी फोन में न तो मोबाइल डेटा होगा और न ही वाई-फाई, तब भी वे सैटेलाइट के जरिए कॉल कर सकेंगे। जब कोई व्हाट्सएप कॉल सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए आएगा, तो फोन की स्टेटस बार में सैटेलाइट का आइकन दिखेगा, जिससे यूजर को पता चल जाएगा कि कॉल सैटेलाइट के माध्यम से हो रही है।
यह सुविधा गूगल की तकनीकी साझेदारी के जरिए संभव हुई है, जिसमें सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर स्कायलो टेक्नोलॉजीज का समर्थन शामिल है। गूगल ने सैटेलाइट कॉलिंग को मोबाइल संचार की प्राथमिकताओं में एक अहम स्थान दिया है, जो अब तक केवल आपातकालीन टेक्स्ट भेजने तक सीमित था।

यह फीचर 28 अगस्त से पिक्सेल 10 सीरीज के साथ शुरू होगा, जो इस फोन्स की सेल के साथ ही यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। यह सुविधा फिलहाल अमेरिका जैसे चुनिंदा बाजारों में ही उपलब्ध होगी, जहां ऑपरेटर्स सैटेलाइट कॉलिंग पर सपोर्ट प्रदान करते हैं। भारत में अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, लेकिन भविष्य में बीएसएनएल जैसे ऑपरेटरों द्वारा सैटेलाइट आधारित सेवा शुरू किए जाने की संभावना है, जिससे यह फीचर भारत में भी आ सकता है।
गूगल ने स्पष्ट किया है कि सैटेलाइट कॉलिंग केवल चुनिंदा वाहकों के साथ काम करेगी और इसके लिए अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह सुविधा केवल कॉलिंग तक सीमित रहेगी या व्हाट्सएप मैसेजिंग के लिए भी उपलब्ध होगी।
सैटेलाइट कॉलिंग के लिए उपयोगकर्ताओं को खुले आसमान के नीचे होना आवश्यक होगा ताकि फोन सैटेलाइट से सीधे जुड़ सके। इसके अलावा, सैटेलाइट नेटवर्क की प्रकृति के कारण कॉल या मैसेजिंग सेवा में कुछ देरी या सीमितता भी हो सकती है।
स्मार्टवॉच में भी सैटेलाइट कनेक्टिविटी
गूगल ने पिक्सेल वॉच 4 LTE मॉडल में भी पहली बार सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी को शामिल किया है। यह स्मार्टवॉच स्नैपड्रैगन W5 जन 2 प्रोसेसर से लैस है और यूजर्स को आपातकालीन संदेश भेजने की सुविधा देगा, भले ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा न हो। यह सुविधा पहनने योग्य डिवाइस में एक बड़ा अपडेट है जो उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को बढ़ाएगा।
इस नई सुविधा के साथ गूगल अपने प्रतिस्पर्धियों से एक कदम आगे निकल गया है। उदाहरण के लिए, एप्पल के आईफोन में सैटेलाइट सुविधा मौजूद है, लेकिन वह केवल आपातकालीन टेक्स्ट संदेशों तक सीमित है और कॉलिंग का विकल्प नहीं देता। ऐसे में गूगल का यह कदम यूजर्स को अधिक व्यावहारिक और बहुमुखी कनेक्टिविटी विकल्प प्रदान करता है।
इस सुविधा की मदद से दूर-दराज या नेटवर्क की पहुंच से बाहर लोग भी अपने परिवार, दोस्तों और जरूरी सेवाओं के संपर्क में रह सकेंगे। इससे आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इसके अलावा, यह सुविधा उन यात्रियों और एक्सप्लोरर्स के लिए भी वरदान साबित होगी जो ऐसे इलाकों में जाते हैं जहां नेटवर्क कवरेज नहीं होता।

गूगल पिक्सेल 10 की यह खासियत मोबाइल कम्युनिकेशन की दुनिया में नयी क्रांति लाने वाली है। व्हाट्सएप के जरिए सैटेलाइट कॉलिंग सुविधा न केवल तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह उन लाखों यूजर्स के लिए भी उम्मीद जगाती है जो नेटवर्क की अनुपलब्धता की वजह से कई बार संपर्क विफलता का सामना करते हैं।
जब यह सुविधा पूरी तरह से लागू हो जाएगी और विश्व के अधिक से अधिक हिस्सों में सुलभ होगी, तब यह मोबाइल फोन जैसे परंपरागत उपकरणों को कहीं भी और कभी भी कनेक्ट रहने वाला बना देगी। इससे आधुनिक युग में संचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं और अवसर खुलेंगे।
गूगल के इस कदम से न केवल उपयोगकर्ताओं को फायदा होगा, बल्कि तकनीकी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी प्रबल होगी, जो आगे और भी अधिक उन्नत और प्रभावी कनेक्टिविटी फीचर्स देने के लिए प्रेरित करेगी। इस तरह, यह सुविधा न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि संचार के भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
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