प्रदेश के शासकीय सेवकों को देय तिथि से महंगाई भत्ता, लंबित एरियर्स सहित अन्य ज्वलंत 11 सूत्रीय मांगों का त्वरित निराकरण करने बाबत् : Pending Arrears and other Burning Demands in Ambikapur

Uday Diwakar
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  • प्रदेश के शासकीय सेवकों को देय तिथि से महंगाई भत्ता प्रदान करने की मांग मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है।
  • लंबित एरियर्स समेत अन्य 11 ज्वलंत मांगों के त्वरित और समुचित समाधान की भी जल्द आवश्यकता जताई गई है।

Pending Arrears and other Burning Demands in Ambikapur: सरगुजा : विषयांतर्गत लेख है कि संदर्भित पत्र क्रमांक 1 के द्वारा मुख्य सचिव एवं संदर्भित पत्र क्रमांक 2 के द्वारा फेडरेशन के प्रथम चरण आंदोलन दिनांक 16 जुलाई 2025 के दौरान जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर फेडरेशन के 11 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया गया था।

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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को “मोदी की गारंटी” के तहत निम्नांकित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आंदोलन के माध्यम से लगातार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। खेद सहित लेख है कि, निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी काफी आक्रोशित हैं।

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Pending Arrears and other Burning Demands in Ambikapur प्रमुख मांगें :-

  1. मोदी की गारंटी अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) दिया जाए।
  2. मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
  3. प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
  4. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24, 32 वर्ष में दिया जाए।
  5. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाय।
  6. प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए।
  7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी किये जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।
  8. मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
  9. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाय। साथ ही प्रदेश के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाये।
  10. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।
  11. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाये।

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छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 120 मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के द्वारा उपरोक्त मांगों को लेकर आज दिनांक 22 अगस्त 2025 को कलम बंद-काम बंद आंदोलन के तहत सामुहिक अवकाश लेकर जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। सरकार द्वारा अनिर्णय की स्थिति में फेडरेशन अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

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अतः छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जो कि 120 मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन है, आपसे अनुरोध करता है कि उपरोक्त मांगों के यथाशीघ्र समाधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी एवं मुख्य सचिव को उक्त ज्ञापन अग्रेषित करने का कष्ट करेंगे।

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