रजिस्ट्री की नई व्यवस्था पर एक दिवसीय कार्यशाला, मंत्री नेताम बोले- अब पटवारियों को नहीं मिलेगा घी-बकरा : Patwaris will Not Get Ghee-Goat

Uday Diwakar
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Patwaris will Not Get Ghee-Goat: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी – भरतपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया में किए गए 10 महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर मनेन्द्रगढ़ के अमृत सदन सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कृषि एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और भरतपुर-सोनहत क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह भी मंच पर मौजूद थीं।

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Patwaris will Not Get Ghee-Goat मंत्री रामविचार नेताम

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के पटवारियों को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा,

अब पटवारियों को कोई मुर्गा, बकरा, चावल या देशी घी नहीं देगा। पहले लोग अपने काम करवाने के लिए पटवारियों को देशी गाय का घी तक भेंट करते थे, लेकिन अब वह दौर समाप्त हो गया है।

उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में लाई गई 10 नई व्यवस्थाओं के चलते पटवारियों की पारंपरिक भूमिका में बड़ा बदलाव आया है। अब पारदर्शी और डिजिटल प्रणाली के कारण भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन की गुंजाइश लगभग खत्म हो चुकी है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया में किए गए नवीन सुधारों की जानकारी देना और पटवारियों एवं संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था के अनुरूप प्रशिक्षित करना था। इसमें डिजिटलाइजेशन, पारदर्शिता, प्रक्रिया में गति, दस्तावेजों की सुरक्षा और नागरिकों को मिलने वाली सहूलियतों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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कार्यशाला में जिले के विभिन्न पटवारी, राजस्व अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी शामिल हुए। उन्हें रजिस्ट्री की नई प्रक्रिया, ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन, समयबद्ध सेवा, और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही, इन बदलावों से आम लोगों को होने वाले फायदों पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला के दौरान मंत्री नेताम ने स्पष्ट किया कि अब पटवारियों की पारंपरिक ‘सेवा शुल्क’ की व्यवस्था समाप्त हो गई है। इन नई व्यवस्थाओं ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है, बल्कि आम नागरिकों को भी राहत पहुंचाई है। इस बदलाव से पटवारियों की जिम्मेदारी और कार्यशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

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