One Nation One Tax questioned Bhupesh Baghel took a jibe: रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई GST दरों और इसके 8 सालों के कार्यान्वयन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “वन नेशन, वन टैक्स” की जो घोषणा 2017 में की गई थी, वह अब तक जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। भूपेश बघेल ने जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” बताया और आरोप लगाया कि यह टैक्स प्रणाली छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है।
One Nation One Tax questioned Bhupesh Baghel took a jibe
भूपेश बघेल ने कहा कि GST को लेकर मोदी सरकार ने जनता को धोखा दिया है। 2017 में जब जीएसटी की शुरुआत हुई, तब इसे कर सुधार का ऐतिहासिक कदम बताया गया था, लेकिन 8 साल बाद भी GST में कई स्लैब बने हुए हैं, जो “वन नेशन, वन टैक्स” के सिद्धांत के विपरीत हैं। उन्होंने बताया कि छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई है, और सरकार ने चुनावों के मद्देनजर सुधारों की घोषणा की है, जो स्थायी नहीं हैं।
उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर GST दरों में बदलाव को चुनावी चाल बताया। हाल ही में GST परिषद की बैठक में कई स्लैब कम कर के 5% और 18% किए गए हैं, जबकि पहले 12% और 28% की दरें भी थीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका स्वागत किया है कि इससे आम जनता और व्यापारियों को लाभ होगा, लेकिन भूपेश बघेल ने इसे जनता को धोखा बताते हुए कहा कि यह छुपे हुए टैक्स और महंगाई को कम करने का प्रयास नहीं है।
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर महंगाई बढ़ाने और जनता की जेब से पैसे निकालने का आरोप लगाते हुए कहा कि रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी का जीवन कठिन बनाया है। उन्होंने जीएसटी को मोदी सरकार द्वारा लाया गया एक ऐसा कर बताया जो केवल सरकार के मित्र उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाता है, जबकि आम जनता और छोटे कारोबारियों के लिए यह बोझ बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शुरू से ही GST के विरोध में रही है और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे बड़े-बड़े वादों के साथ लागू किया, पर धरातल पर यह वादे पूरी तरह पूरे नहीं हुए। भूपेश ने कहा कि बदलाव महज चुनाव के चलते होते हैं, जो अस्थायी समाधान हैं, जबकि मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।
GST के 8 वर्षों के अनुभव को लेकर उन्होंने यह व्यंग्य किया कि “वन नेशन वन टैक्स” के सपने को पूरा होना अभी बाकी है और देश की टैक्स व्यवस्था अब भी जटिल, पारदर्शी नहीं और असमान लागू हो रही है। इसके चलते छोटे व्यापारी, मध्यम वर्ग और आम जनता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह टैक्स व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और जिम्मेदार तरीके से लागू करे ताकि लोगों का विश्वास वापस आ सके।
यह पूरी बहस केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच GST सुधारों को लेकर जारी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है, जहां bhupesh baghel ने केंद्र सरकार को देश की जनता को टैक्स के नाम पर झाँसा देने का आरोप लगाया है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर GST दरों में बदलाव को चुनावी घोषणा बताया गया है, जिसे लेकर बहस तेज हुई है।
इस प्रकार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की GST नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि 8 सालों में वादे और हकीकत में बड़ा फासला है और “वन नेशन, वन टैक्स” का सपना अभी अधूरा है। यह मुद्दा छोटे व्यापारियों, आम जनता और राजनीति में जोरदार बहस का विषय बना हुआ है।
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