nurses’ union demands revocation of suspension Balrampur: बलरामपुर: बलरामपुर जिला चिकित्सालय में तीन माह की बच्ची की मौत के बाद हुई कार्यवाही ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में दो स्टाफ नर्सों को निलंबित किए जाने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन अब इस पर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए निलंबन को नियमविरुद्ध और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय करार दिया है।
nurses’ union demands revocation of suspension Balrampur
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बच्ची की मौत दुखद जरूर है, लेकिन इसके लिए केवल स्टाफ नर्सों को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है। संघ का कहना है कि बिना चिकित्सक के लिखित अथवा मौखिक निर्देश के स्टाफ नर्सों को दोषी मानना सही नहीं है। संघ ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बगैर किसी ठोस जांच के सीधे निलंबन का आदेश जारी कर दिया, जिससे चिकित्सा कर्मियों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
संघ ने इस संबंध में शासन से तत्काल निलंबन आदेश वापस लेने की मांग की है। साथ ही निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संभाग स्तरीय टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराने की अपील की है। संघ का कहना है कि यदि जांच के बाद वास्तविक दोषी पाए जाएं तो उन पर उचित कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष स्टाफ नर्सों को इस तरह से निशाना बनाना गलत परंपरा की शुरुआत होगी।
इधर, जिला अस्पताल प्रबंधन ने निलंबन आदेश पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि बच्ची की मौत के कारणों की जानकारी जिला स्तर पर भेजी जा चुकी है। अब आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर होगी।
इस पूरे घटनाक्रम से अस्पताल परिसर के कर्मचारी और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग असमंजस की स्थिति में हैं। संघ का कहना है कि अगर निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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