New Variant of Corona : देश में एक बार फिर कोरोना वायरस का खतरा सिर उठा रहा है। 30 मई 2025 तक भारत में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या लगभग 1348 तक पहुंच गई है। इस दौरान अब तक 15 मरीजों की जान जा चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा 6 मौतें महाराष्ट्र में दर्ज की गई हैं। केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्य इस बार भी संक्रमण के केंद्र बने हुए हैं, जहां सबसे अधिक नए केस सामने आ रहे हैं।
New Variant of Corona
भारत में इस बार कोरोना के JN.1, NB.1.8.1 और LF.7 जैसे नए वैरिएंट्स सामने आए हैं। JN.1 ओमिक्रॉन का ही एक प्रकार है, जो पहली बार 2023 में देखा गया था और अब यह भारत समेत कई देशों में फैल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन वैरिएंट्स में कई बदलाव हुए हैं, जिससे ये तेजी से फैल सकते हैं। खासकर बुजुर्ग, कमजोर प्रतिरक्षा वाले और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
लक्षण और संक्रमण की गति
नए वैरिएंट्स के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हैं — हल्का बुखार, गले में खराश, खांसी, सिर दर्द, थकान और कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी। अस्पतालों की ओपीडी में कोविड-19 के आम लक्षणों में आवाज में बदलाव, गले में दर्द, दस्त, हल्की पेट की परेशानी और बुखार शामिल हैं। हालांकि, गंभीर मामलों की संख्या अभी कम है और आईसीयू में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी सीमित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय के साथ टीके से मिली सुरक्षा जरूर कम हुई है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई। हालांकि, नए वैरिएंट्स पर मौजूदा टीकों की असरकारिता कम देखी जा रही है, जिससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिन लोगों ने बूस्टर डोज़ नहीं ली है या जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, वे अधिक जोखिम में हैं।
दिल्ली सरकार समेत कई राज्यों ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को ऑक्सीजन, बेड, दवाओं और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। कोविड वार्ड और टेस्टिंग की व्यवस्था की जा रही है।
चौथी लहर की संभावना
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर चौथी लहर आती है तो इसका असर 21 से 28 दिन तक रह सकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लॉकडाउन जैसी कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।
- मास्क का उपयोग करें और भीड़-भाड़ से बचें
- हाथों को बार-बार धोएं
- लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर से संपर्क करें
- बूस्टर डोज़ जरूर लगवाएं, खासकर बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग
कोरोना के नए वैरिएंट्स ने एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी है। घबराने की बजाय सतर्क रहना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि संक्रमण की रफ्तार को रोका जा सके और गंभीर परिणामों से बचा जा सके।
Read Also- कोरिया जिले में जल संरक्षण की ऐतिहासिक पहल: एक दिन में 660 सोख्ता गड्ढों का निर्माण, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज