नीम–गाँव का डॉक्टर और प्राकृतिक उपचार का खजाना, धरती का कल्पवृक्ष और औषधीय वरदान : Neem–the Village Doctor and Treasure of Natural Remedies

Uday Diwakar
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Neem–the Village Doctor and Treasure of Natural Remedies: नीम (Azadirachta indica) भारत और एशिया के कई हिस्सों में पाया जाने वाला एक अत्यंत उपयोगी और औषधीय गुणों से भरपूर वृक्ष है। आयुर्वेद, यूनानी और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसे बहुत उच्च स्थान दिया गया है। इसे “धरती का कल्पवृक्ष” और “गाँव का डॉक्टर” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लगभग हर हिस्से — पत्ते, छाल, फल, फूल, बीज और तेल — में औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन इसका स्वास्थ्य लाभ इतना अधिक है कि सदियों से लोग इसे अपने भोजन, चिकित्सा और कृषि में शामिल करते आए हैं।

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Neem–the Village Doctor and Treasure of Natural Remedies :- नीम

नीम का वृक्ष औसतन 15 से 30 मीटर तक ऊँचा हो सकता है। इसका तना सीधा, मजबूत और हल्के भूरे रंग का होता है, जिसकी छाल खुरदरी और दरारदार होती है। पत्तियां हरी, भरी-भरी और लंबी होती हैं, जो क्रमवार कतारों में लगी होती हैं। नीम के फूल छोटे, सफेद और हल्की सुगंध वाले होते हैं, जबकि इसके फल अंडाकार और पीले-हरे रंग के होते हैं, जिनमें एक बीज होता है। नीम एक सदाबहार वृक्ष है, जो सूखे तथा गर्म जलवायु में भी आसानी से जीवित रह सकता है। इसकी जड़ें बहुत गहरी होती हैं, जिससे यह धरती के भीतर से पोषक तत्व और जल प्राप्त कर पाता है।

नीम के औषधीय गुण

नीम को प्राकृतिक एंटीबायोटिक, एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटीऑक्सिडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। नीम में आज़ादिरैक्टिन (Azadirachtin), निम्बिन (Nimbin), गेडुनिन (Gedunin) जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे शक्तिशाली औषधि बनाते हैं। यह रक्त को शुद्ध करने, सूजन कम करने, संक्रमण रोकने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, नीम मच्छर भगाने और कीटनाशक के रूप में भी अद्भुत कार्य करता है।

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नीम के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

1. त्वचा रोगों में लाभकारी
नीम का सबसे अधिक उपयोग त्वचा समस्याओं के समाधान में किया जाता है। इसके पत्तों का लेप मुहाँसे, दाद, खुजली, फोड़े-फुंसी और सोरायसिस जैसी बीमारियों में लाभ देता है। नीम के पत्तों को उबालकर उस पानी से नहाने से त्वचा संक्रमण और खुजली में तुरंत आराम मिलता है। नीम खून को शुद्ध करता है, जिससे त्वचा की चमक और साफ़-सफाई बनी रहती है।

2. बालों के लिए फायदेमंद
नीम का तेल और पत्तों का रस बालों के लिए पोषक तत्वों का भंडार है। यह सिर की त्वचा से डैंड्रफ और बैक्टीरिया हटाकर बालों की जड़ों को मजबूत करता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या कम होती है। नियमित नीम तेल की मालिश बालों को घना, लंबे समय तक काला और स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है।

3. पाचन क्रिया में सुधार
नीम की पत्तियां आंतों के लिए लाभकारी होती हैं। यह पेट में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं को खत्म कर पाचन क्रिया को सुचारू बनाती है। नीम कब्ज, गैस, एसिडिटी और पेट के कीड़ों को दूर करने में सहायक है। यह शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालकर लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

4. मलेरिया और बुखार में राहत
नीम की पत्तियों का काढ़ा मलेरिया के इलाज में उपयोगी माना जाता है। यह बुखार पैदा करने वाले परजीवियों और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बुखार और वायरल संक्रमण के दौरान नीम का सेवन एक प्राकृतिक उपाय के रूप में करते हैं।

5. दांत और मसूड़ों की देखभाल
प्राचीन समय से लोग नीम की टहनी से दांत साफ़ करते आए हैं। इसमें मौजूद जीवाणुनाशक तत्व मसूड़ों की सूजन, पायरिया और दांतों के कीड़े रोकते हैं। नीम का दंतमंजन आज भी कई टूथपेस्ट का मुख्य घटक है।

6. प्राकृतिक कीटनाशक और मच्छर भगाने वाला
नीम का तेल और पत्तियां कृषि में प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में उपयोग होती हैं। यह फसलों पर कीटों को पनपने नहीं देता। नीम के धुएं से मच्छर और मक्खी दूर रहती है, जो मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव में मददगार है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
नीम नियमित रूप से सेवन करने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है। यह सर्दी-जुकाम, वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में सक्षम है।

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नीम के उपयोग के तरीके

  • ताजी पत्तियां धोकर सुबह खाली पेट चबाना।
  • पत्तों का काढ़ा बनाकर पीना।
  • नीम के तेल की मालिश बालों, त्वचा या शरीर पर करना।
  • नीम के पत्तों या छाल को पानी में उबालकर स्नान के लिए उपयोग करना।
  • नीम की टहनी से दिन में दो बार दांतों की सफाई करना।
  • फसलों में नीम का तेल या नीम खली का छिड़काव करना।

सावधानियां और दुष्प्रभाव

नीम का सेवन उचित मात्रा में ही करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को नीम का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गर्भपात का कारण बन सकता है। नीम का तेल बड़े पैमाने पर पीना नुकसानदायक हो सकता है, विशेषकर बच्चों के लिए।
कुछ लोगों को नीम से एलर्जी हो सकती है, इसलिए बार-बार त्वचा पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

नीम केवल एक साधारण पेड़ नहीं, बल्कि प्रकृति की एक अद्वितीय औषधि है, जो त्वचा, बाल, पाचन, दांत, रोग प्रतिरोधक क्षमता, और कृषि — सभी क्षेत्रों में लाभकारी है। यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है और रासायनिक दवाओं का एक सुरक्षित विकल्प है। हमें इस वृक्ष का अधिक से अधिक रोपण करना चाहिए और इसके संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसके लाभ उठा सकें।

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