National Tribal Games Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर। 29 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मुख्यालय अंबिकापुर में चल रहे देश के पहले ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026’ में एक सनसनीखेज घटना ने सभी को हैरान कर दिया। आयोजन के दूसरे दिन शनिवार को गांधी स्टेडियम के मैदान में सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एक झुंड आवारा कुत्तों ने घुसपैठ कर दी। खिलाड़ियों और दर्शकों में दहशत फैल गई, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई नहीं हुई है।
गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में हो रहा है, जिसमें 30 राज्यों से 2500 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में 28 मार्च से कुश्ती प्रतियोगिता शुरू हुई, जहां 144 पहलवान अपनी ताकत दिखा रहे थे। दोपहर के सत्र के दौरान अचानक 4-5 आवारा कुत्तों का झुंड पास के जंगल से आकर मैदान में घुस आया। सुरक्षा घेराबंदी कमजोर होने से वे आसानी से अंदर पहुंच गए। कुत्तों ने मैदान पर भौंकते हुए दौड़ लगाई, जिससे खिलाड़ी डरकर भागे। कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि कुत्तों ने उनके पैरों को निशाना बनाया, लेकिन चोटें गंभीर नहीं हुईं।
घटना के वक्त स्टेडियम में कुश्ती के फाइनल मैच चल रहे थे। दर्शक दीर्घा में बैठे लोग चीखने लगे। आय organizers ने तुरंत मैच रोका और खिलाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया। लगभग 20 मिनट तक हड़कंप मचा रहा। स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीम ने कुत्तों को भगाया, लेकिन कोई पकड़ नहीं सकी। यह घटना हाल ही संजय पार्क हिरण कांड की याद दिला गई, जहां आवारा कुत्तों ने बाड़ा तोड़ 15 हिरण मार डाले थे।
प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। आयोजन समिति के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे, लेकिन कुत्ते जंगल से आए। मामला संज्ञान में है।” स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। पूर्व में संजय पार्क घटना में वन विभाग ने डिप्टी रेंजर समेत 4 को सस्पेंड किया था, लेकिन यहां खेल विभाग चुप है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंबिकापुर जैसे क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की समस्या पुरानी है, फिर भी ABC (Animal Birth Control) कार्यक्रम प्रभावी नहीं।
National Tribal Games Ambikapur
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। इसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती शामिल हैं। अंबिकापुर कुश्ती का केंद्र है। ओडिशा, कर्नाटक जैसे राज्य आगे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्घाटन किया था। लेकिन यह घटना आयोजन की छवि खराब कर रही है।
घटना से खिलाड़ी डरे हुए हैं। ओडिशा की एक पहलवान ने कहा, “ट्राइबल गेम्स में आकर उत्साहित थे, लेकिन सुरक्षा देखकर निराशा।” स्थानीय पत्रकार संघ ने प्रशासन से सफाई मांगी है। नगर निगम पर कुत्तों की समस्या न सुलझाने का आरोप। जनता मांग कर रही है कि स्टेडियम के आसपास ड्राइव चले और सुरक्षा बढ़े। यदि ऐसी लापरवाही जारी रही तो बड़े हादसे हो सकते हैं।
गेम्स 3 अप्रैल तक चलेंगे। आयोजकों को अब सतर्क रहना होगा। केंद्र सरकार ने ट्राइबल खेलों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ आवंटित किए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य आदिवासी युवाओं को ओलंपिक स्तर तक ले जाना है। लेकिन बेसिक सुरक्षा फेल होने से सब व्यर्थ। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए वरना विवाद बढ़ेगा।
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