नेशनल हेराल्ड केस: कांग्रेस ने फैसले को “सत्य की जीत” बताया, सरगुजा में भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन : National Herald Case BJP office protested in Surguja

Uday Diwakar
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National Herald Case BJP office protested in Surguja: सरगुजा:​​​अंबिकापुर। नेशनल हेराल्ड प्रकरण में दिल्ली की विशेष अदालत के हालिया फैसले ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने इस फैसले को “सत्य की जीत” करार देते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। इसी फैसले के ठीक बाद जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने गुरुवार को भाजपा कार्यालय का जोरदार घेराव किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक रैली के रूप में भाजपा कार्यालय पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में कांग्रेस की सक्रियता का प्रतीक बन गया, जहां आदिवासी और ग्रामीण मतदाताओं का बड़ा आधार है।

नेशनल हेराल्ड मामला 2011 से चला आ रहा है, जब भाजपा ने कांग्रेस पर अखबार की संपत्तियों के कथित घोटाले का आरोप लगाया। ईडी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष अदालत ने 18 दिसंबर को फैसला सुनाते हुए ईडी की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं और यह राजनीतिक प्रतिशोध का मामला प्रतीत होता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे “लोकतंत्र की जीत” बताते हुए कहा, “मोदी सरकार ने वर्षों से हमें फंसाने की कोशिश की, लेकिन सत्य अंततः जीत गया।”

राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार के “हथियारबंद एजेंसियों के दुरुपयोग” का प्रमाण बताया। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, “यह फैसला साबित करता है कि भाजपा विपक्ष को कुचलने के लिए संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है।” छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इसे स्थानीय स्तर पर भुनाने का फैसला किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल बंशीवाल ने कहा, “सरगुजा से शुरूआत हो रही है। हम हर जिले में ऐसे प्रदर्शन करेंगे ताकि जनता को सच्चाई पता चले।”

गुरुवार सुबह 11 बजे सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने अंबिकापुर के राजीव भवन से रैली शुरू की। करीब 500 कार्यकर्ता, जिसमें महिलाएं, युवा और आदिवासी समुदाय के लोग शामिल थे, नारे लगाते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे। “मोदी सरकार हाय-हाय”, “ईडी-सीबीआई वापस जाओ”, “सोनिया-राहुल जिंदाबाद” जैसे नारे गूंजे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह पोर्ते ने नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्लेकार्ड दिखाए, जिनमें “राजनीतिक बदले की कार्रवाई बंद करो” लिखा था। भाजपा कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन किसी तरह का हादसा नहीं हुआ। प्रदर्शन करीब दो घंटे चला, उसके बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से लौटे।

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रमेश सिंह पोर्ते ने संवाददाताओं से कहा, “नेशनल हेराल्ड का फैसला भाजपा की साजिश को बेनकाब करता है। सरगुजा आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां भाजपा नक्सलवाद के नाम पर दमन कर रही है। कांग्रेस गांधी परिवार के साथ खड़ी है।” प्रदर्शन में पूर्व विधायक जयंत साहू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीना मरकाम और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल थे। स्थानीय आदिवासी कार्यकर्ता रामू रामटेके ने बताया, “हमारे क्षेत्र में विकास के नाम पर सिर्फ लूट हो रही है। यह प्रदर्शन हमारी आवाज है।”

भाजपा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को खारिज करते हुए कहा कि यह “हार का रोना” है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ताम्रध्वज साहू ने कहा, “नेशनल हेराल्ड में 2000 करोड़ का घोटाला हुआ था। अदालत ने केवल ईडी की एक याचिका खारिज की है, केस खत्म नहीं हुआ। कांग्रेस भ्रष्टाचार छुपाने के लिए सड़कों पर उतर आई।” भाजपा ने इसे “वोटबैंक की राजनीति” करार दिया। वहीं, आम आदमी पार्टी ने तटस्थ रुख अपनाया, लेकिन कांग्रेस के आरोपों का समर्थन किया।

छत्तीसगढ़ में यह प्रदर्शन 2028 विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला है। सरगुजा संभाग में कांग्रेस का पारंपरिक वोटबैंक है, लेकिन 2023 चुनावों में भाजपा ने इसे तोड़ दिया। कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि नेशनल हेराल्ड फैसला उसके पक्ष में माहौल बनाएगा। प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रमुख अनुपम फिलिप ने कहा, “हम पूरे छत्तीसगढ़ में 50 स्थानों पर ऐसे प्रदर्शन करेंगे। जनता भाजपा की तानाशाही से तंग है।”

यह मामला कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दा है, क्योंकि नेशनल हेराल्ड स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है। नेहरू परिवार की विरासत का प्रतीक होने के कारण सोनिया-राहुल पर हमले को पार्टी “परिवार विरोधी” मानती है। अदालत के फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश लौट आया है। राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी ने कहा, “भाजपा की साजिशें विफल हो रही हैं।” छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्य में यह मुद्दा विपक्ष को मजबूत करने का अवसर देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस अभी लंबा चलेगा, लेकिन वर्तमान फैसला कांग्रेस के लिए नैतिक जीत है।

National Herald Case BJP office protested in Surguja

सरगुजा आदिवासी बहुल संभाग है, जहां नक्सलवाद और विकास के मुद्दे प्रमुख हैं। कांग्रेस यहां लंबे समय से मजबूत रही, लेकिन भाजपा की हिंदुत्व और विकास एजेंडे ने सेंध लगाई। प्रदर्शन ने स्थानीय मुद्दों जैसे कोयला खनन, वन अधिकार और बेरोजगारी को जोड़ दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र की नीतियां आदिवासियों को नुकसान पहुंचा रही हैं। पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखा, लेकिन भाजपा कार्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

यह घटना छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया दौर शुरू कर सकती है। कांग्रेस के प्रदर्शन से भाजपा को जवाबी रणनीति बनानी पड़ेगी। आने वाले दिनों में और प्रदर्शन होने की संभावना है। जैसा कि रमेश सिंह ने कहा, “सत्य की जीत अभी शुरुआत है।”

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