Minister Rajesh Agrawal took charge by offering prayers at Mahanadi Bhawan: सरगुजा :पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने महानदी भवन स्थित मंत्रालय कार्यालय में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अपने कामकाज की शुरूआत की है। उन्होंने इस मौके पर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रियों, भाजपा के विधायकों, विभिन्न निर्माण मंडलों के अध्यक्षों, संस्कृति परिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की और राज्य में पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में तेजी से विकास करने की योजना पर चर्चा की।
Minister Rajesh Agrawal took charge by offering prayers at Mahanadi Bhawan
मोदी सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार को मंत्री अग्रवाल ने माना पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार। उन्होने केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया कि जिस तेजी से सड़कें बढ़ रही हैं, उससे पर्यटन क्षेत्र में विस्तार को काफी बल मिलेगा। पर्यटन के विकास से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, यह मंत्री का प्रमुख दृष्टिकोण रहा।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और पर्यटन धरोहरों का संरक्षण और विकास प्राथमिकता होगी। राज्य में कई धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें बढ़ावा देकर प्रदेश को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से इस दिशा में समन्वय बढ़ाकर काम करने को कहा।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, कई विधायक और अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने मंत्री राजेश अग्रवाल को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई और शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, संस्कृति परिषद और निर्माण मंडलों के अध्यक्षों ने भी अपनी-अपनी संस्थाओं की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
राजेश अग्रवाल छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर क्षेत्र से विधायक हैं और पहली बार मंत्री बने हैं। इनके मंत्री बनने के बाद सरगुजा क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया है। जनता और कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया था। मंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि वे जनता की भलाई के लिए निरंतर मेहनत करेंगे और 24 घंटे काम करने को तैयार हैं।
कुल मिलाकर, मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास विभाग के कार्यभार ग्रहण के साथ एक नई शुरुआत की है, जो प्रदेश के सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन विकास को नई ऊर्जा देने वाला कदम माना जा रहा है। उनकी प्राथमिकता राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, स्थानीय रोजगार संवर्धन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर केंद्रित रहेगी।
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