Massive fire at Murra factory in Darima: सरगुजा:अंबिकापुर।सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खजूरी में सोमवार सुबह मुर्रा बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक लगी आग ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते फैक्ट्री और इससे जुड़े घर का लाखों रुपये का सामान राख हो गया।
घटना सोमवार, 19 जनवरी 2026 को सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। खजूरी ग्राम पंचायत स्थित इस छोटी मुर्रा फैक्ट्री में काम चल रहा था, तभी अचानक धुआं उठने लगा और आग की लपटें भड़क उठीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग संभवतः गैस सिलेंडर फटने से लगी, जिससे फैक्ट्री का अधिकांश हिस्सा जल गया। फैक्ट्री मालिक ने तुरंत पड़ोसियों को सूचना दी, लेकिन तब तक नुकसान बहुत हो चुका था।
आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। दरिमा थाने की पुलिस और स्थानीय फायर ब्रिगेड टीम को कॉल की गई, जो कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंची। फायर टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। हालांकि, फैक्ट्री से जुड़े घर में रखे कच्चे माल, तैयार मुर्रा और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो चुके थे।
नुकसान का आकलन
प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, आग से करीब 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फैक्ट्री में मुर्रा बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्ट्रॉ, गोंद, रसायन और पैकिंग सामग्री जलकर खाक हो गई। सौभाग्य से कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन फैक्ट्री मालिक को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह फैक्ट्री इलाके में मुर्रा सप्लाई का प्रमुख केंद्र थी।
Massive fire at Murra factory in Darima
दरिमा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और आग के कारणों की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सिलेंडर ब्लास्ट को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका भी जताई जा रही है। एसपी सरगुजा ने बताया कि जांच पूरी होने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की जा रही है।
यह घटना खजूरी और आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक के लिए सहानुभूति जताई और जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की। सरगुजा जिले में हाल ही में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सुरक्षा जागरूकता की कमी दर्शाती हैं। प्रशासन ने सभी छोटी फैक्टरियों के लिए सुरक्षा ऑडिट के निर्देश जारी किए हैं।
जिला कलेक्टर ने प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता देने के आदेश दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में ऐसी इकाइयों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य हों। मुर्रा जैसे छोटे उद्योगों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए सबक है कि छोटी लापरवाही बड़ी तबाही ला सकती है।
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