मैनपाट के टाइगर पॉइंट पर भीषण आग: दर्जनभर मड़ई दुकानें राख : massive fire at Mainpat’s Tiger Point

Uday Diwakar
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massive fire at Mainpat’s Tiger Point: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले खूबसूरत पर्यटन स्थल मैनपाट से एक दुखद घटना सामने आई है। देर रात मैनपाट के सुप्रसिद्ध ‘टाइगर पॉइंट’ क्षेत्र में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि कुछ ही समय में पूरा इलाका नारंगी रोशनी से भर गया। जैसे ही आग ने विकराल रूप धारण किया, वहां मौजूद पर्यटक और स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इस आग में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा संचालित की जा रही एक दर्जन से अधिक झोपड़ीनुमा मड़ई दुकानें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं।

रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। टाइगर पॉइंट मैनपाट का एक प्रमुख आकर्षण है, जहां पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं। यहां छोटे-छोटे स्टॉल और झोपड़ियां स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग चलाते हैं, जो चाय, नाश्ता, स्मृति चिन्ह और अन्य सामान बेचते हैं। आग की शुरुआत संभवतः एक दुकान से हुई और तेज हवा के कारण यह तेजी से फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की चिंगारियां आसपास के जंगलों तक पहुंचने लगी थीं, जिससे खतरा और बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने पानी के ड्रम और बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू पाने में घंटों लग गए। सुबह होते-होते फायर ब्रिगेड की टीम अंबिकापुर से पहुंची और अंततः आग को पूरी तरह बुझाया गया।

आगजनी से कम से कम 12 से 15 झोपड़ीनुमा दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं। इन दुकानों में रखे सामान, जिसमें प्लास्टिक के सामान, खाने-पीने की चीजें और पर्यटकों के लिए हस्तशिल्प थे, सब कुछ जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उनके पास कोई बीमा नहीं था और यह उनका एकमात्र आजीविका का स्रोत था। एक दुकानदार रामलाल ने बताया, “रात को सोने चले गए थे, अचानक चीख-पुकार सुनकर दौड़े तो सब कुछ जल रहा था। साल भर की कमाई भी खाक हो गई।” सौभाग्य से इस हादसे में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पर्यटन स्थल की छवि पर बट्टा लग सकता है।

आग लगने का कारण

आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ स्थानीयों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट या बिजली के तारों से चिंगारी लगी हो सकती है, जबकि अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा हादसे की आशंका जता रहे हैं। पुरानी घटनाओं में भी मैनपाट क्षेत्र में आगजनी के मामले असामाजिक से जुड़े पाए गए हैं। मैनपाट पुलिस और सरगुजा जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची है। एसपी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से सच्चाई सामने लाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही कारणों का पता चलेगा।

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massive fire at Mainpat’s Tiger Point

घटना की सूचना मिलते ही मैनपाट थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। जिला कलेक्टर ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि देने और अस्थायी रहने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय विधायक ने भी मुआवजे की घोषणा की है। फायर सर्विस को मजबूत करने के लिए नए वाहनों की मांग उठी है। प्रशासन ने पर्यटन स्थल पर सुरक्षा उपायों को सख्त करने का आश्वासन दिया है, जैसे फायर एक्सटिंग्विशर लगाना और रात्रि में गश्त बढ़ाना।

मैनपाट सरगुजा जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जो ऊंचाई पर स्थित होने से ‘छोटा शिमला’ कहलाता है। टाइगर पॉइंट यहां का स्टार आकर्षण है, जहां पानी की धारा टाइगर की दहाड़ जैसी आवाज करती है। यह घटना पर्यटन सीजन पर असर डाल सकती है, क्योंकि पर्यटक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय आदिवासी समुदाय, जो मुख्यतः मड़ई दुकानों पर निर्भर है, सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुनर्वास और ऋण माफी की मांग की है।

यह घटना मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है। जंगलों से घिरे होने के कारण आग का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पक्की संरचनाओं का निर्माण और अग्निशमन प्रशिक्षण जरूरी है। सरगुजा प्रशासन ने अब विकास योजनाओं में सुरक्षा को प्राथमिकता देने का वादा किया है। प्रभावित दुकानदारों ने एकजुट होकर पुनर्निर्माण की योजना बनाई है।

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