Major theft at Golu mobile shop Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर शहर के व्यस्त इलाके गुदड़ी चौक में स्थित गोलू मोबाइल दुकान एक बार फिर अपराधियों के निशाने पर रही। इस बार चोरों ने पूरी तैयारी के साथ दीवार में सेंध लगाकर अंदर घुसने का साहस दिखाया और करीब 25 लाख रुपये मूल्य के महंगे मोबाइल फोन चुरा ले गए। घटना के बाद कोतवाली पुलिस, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल चोरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है, जिससे स्थानीय व्यापारी और आम जनता में असुरक्षा की भावना गहरा गई है।
बौरीपारा निवासी विक्रांत जायसवाल और विवेक जायसवाल द्वारा संचालित ‘गोलू मोबाइल’ दुकान में 5 नवंबर की रात यह सेंधमारी हुई। रोजाना की तरह दोनों संचालक दुकान बंद कर घर चले गए थे। 6 नवंबर की सुबह जब वे दुकान पहुँचे, तो सामने की शटर खोलते ही उनके होश उड़ गए। दुकान के पीछे दीवार में करीब डेढ़ फीट का बड़ा छेद था और अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। मोबाइल काउंटर खाली दिखाई दे रहा था; लगभग 100 से अधिक महंगे मोबाइल सेट सहित एप्पल, वीवो, वनप्लस जैसी नामी ब्रांडों के फोन गायब थे। संचालकों के मुताबिक चोरी हुए मोबाइलों की कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है।
चोरों ने पूरी रणनीति बनाकर वारदात को अंजाम दिया। दुकान के पीछे की दीवार से सटी झाड़ियों और वीरान जगह का फायदा उठाते हुए, चोरों ने इलेक्ट्रिक ड्रिल मशीन से दीवार में छेद किया। संदेह है कि कुछ साथी बाहर निगरानी करते रहे, जबकि एक या दो चोर दीवार के जरिये अंदर घुसे और महंगे मोबाइल को चुनकर इकट्ठा किया। चोरों ने करीब 6-7 लाख के कम कीमत वाले मोबाइल और कुछ पैकेट-कवर दुकान के पीछे कचरे के ढेर में फेंक दिए। इसका मतलब है कि सिर्फ महंगे, ब्रांडेड मोबाइल ही चुराए गए।
यह घटना कोतवाली थाना से महज 250-300 मीटर की दूरी पर हुई है, जिससे रात्रि गश्त और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक नकाबपोश युवक चोरी करते हुए कैद हुआ है, जिससे पुलिस की जांच को नई दिशा मिली है। दुकान में लगा सुरक्षा अलार्म भी बजा था, लेकिन रात का समय और दुकान का पिछला हिस्सा सुनसान होने के कारण किसी को भनक नहीं लग सकी।
चोरी की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शिशिरकांत सिन्हा पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और साइबर सेल की टीम भी बुलाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और आस-पास के लोगों से पूछताछ जारी है। टीम ने मौके पर फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली है।
पुलिस का मानना है कि इस वारदात में दो से तीन लोगों की संलिप्तता है, जिन्होंने पहले दुकान की रेकी की और बाद में पूरी योजना के तहत घटना को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि चोरों ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर डाली गई प्रमोशनल वीडियो को देखकर दुकान के स्ट्रक्चर और सुरक्षा का अध्ययन किया था।
घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि शहर के बीचों-बीच, इतना बड़ा अपराध हो जाना स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। व्यापारियों ने मांग की है कि पुलिस जल्द-से-जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कर कार्रवाई करे, ताकि व्यापारियों का भरोसा बहाल हो सके।

Major theft at Golu mobile shop Ambikapur
इस घटना ने अंबिकापुर सहित पूरे क्षेत्र के व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। अब दुकान संचालकों में दुकानों की सुरक्षा, सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम को अपग्रेड करने की चर्चा तेज हो गई है। चोरी से न केवल विक्रांत जायसवाल और विवेक जायसवाल को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि क्षेत्र के व्यवसायी समुदाय को चिंता में डाल दिया है।
व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में इतनी बड़ी चोरी, वह भी कोतवाली के पास, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। मामले का खुलासा करना पुलिस की साख के लिए जरूरी हो गया है। अफसरों का कहना है कि वे हर संभव तकनीकी सहायता और संसाधन लगा रहे हैं। यदि जल्दी खुलासा नहीं हुआ, तो व्यापारिक संगठनों द्वारा आंदोलन की भी चेतावनी दी जा चुकी है।

गोलू मोबाइल दुकान में सेंधमारी की यह घटना अंबिकापुर में व्यापारिक सुरक्षा, पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। पुलिस की कार्रवाई और अपराधियों की जल्द गिरफ़्तारी से ही क्षेत्र में सुरक्षा और विश्वास बहाल हो सकता है। तब तक व्यापारियों में चिंता और नाराजगी बनी रहेगी और पुलिस-प्रशासन की सतर्कता की परीक्षा जारी रहेगी।
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