Major Cyber Fraud Exposed: सरगुजा:अंबिकापुर। 31 मार्च 2026 : सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में साइबर सेल ने बैंक खातों की खरीद-फरोख्त कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 3 मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर 48,500 रुपये के लेन-देन का खुलासा किया। यह मामला डिजिटल लेन-देन के बढ़ते खतरे को उजागर करता है।
आरोपियों ने ग्रामीणों से न्यूनतम दस्तावेजों पर बैंक खाते खोवाए, फिर इन्हें 5-10 हजार रुपये में बेच दिया। खरीदार मुख्यतः अन्य राज्यों के साइबर ठग थे जो UPI, NEFT के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करते। अंबिकापुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन रोड पर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। छापेमारी में 3 आरोपी – रवि पटेल (25), संतोष यादव (32) और मोहन साहू (28) – धराए गए।
पकड़े गए सामान में 7 बैंक पासबुक, 12 ATM कार्ड, 3 लैपटॉप और 15 सिम कार्ड बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिछले 6 महीनों में 25 से अधिक खाते इस गिरोह ने बेचे। ठगी की राशि 15 लाख से अधिक अनुमानित है।
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाकर ग्रामीण बैंक शाखाओं में खाता खोलते। खाते सक्रिय होते ही इन्हें Telegram ग्रुप्स के जरिए बेचा जाता। मुख्य ग्राहक उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र के फ्रॉडर थे। पुलिस ने अब तक 48,500 रुपये के 8 लेन-देन ट्रेस किए हैं।
अंबिकापुर SP ने कहा, “यह केवल शुरुआत है। गिरोह के अन्य सदस्यों और खरीदारों तक पहुंच बन रही है।” FIR IPC धारा 420, 467, 468 और IT Act की धाराओं में दर्ज हुई। आरोपी अदालत में पेश होंगे।
Major Cyber Fraud Exposed
सरगुजा संभाग में पिछले वर्ष 247 साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए। अंबिकापुर जिला ही 92 केसों का केंद्र रहा। ग्रामीण अज्ञानता का फायदा उठाकर ‘डिजिटल अरेंजर्स’ सक्रिय हैं। जागरूकता के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन 1930 का प्रचार तेज किया। DM ने सभी बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक बुलाई है।
स्थानीय व्यापारी संघ अध्यक्ष ने चिंता जताई, “UPI का दुरुपयोग रोकना जरूरी। खाते बेचने वालों को कड़ी सजा मिले।”
पुलिस अब NCRB के साइबर क्राइम पोर्टल से डेटा मैच कर रही। संभावित 20 अन्य खातों पर नजर। अंबिकापुर में साइबर थाना को मजबूत करने की योजना है। जनप्रतिनिधियों ने विधानसभा में मामला उठाने का ऐलान किया।
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