Liquor store employees brutally beat customers in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर। 27 दिसंबर 2025: अंबिकापुर के बस स्टैंड परिसर में अवैध चखना दुकान के पास शराब खरीदने पहुंचे ग्राहकों के साथ हुई मारपीट ने पूरे शहर को झकझोर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक लापरवाही और शराब दुकानों पर हो रही मनमानी एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार, न्यू बस स्टैंड परिसर में हाल ही में शिफ्ट की गई सरकारी शराब दुकान के बगल में अवैध रूप से चखना और बिरयानी सेंटर संचालित हो रहा है। देर शाम कुछ युवक शराब खरीदने पहुंचे और इसी दौरान शराब सेवन और चखना को लेकर ग्राहकों तथा दुकान से जुड़े कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई।
यह मामूली विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और अवैध चखना दुकान के कर्मचारियों ने शराब लेने आए युवकों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारियों ने न सिर्फ धक्का‑मुक्की की, बल्कि लाठीनुमा डंडों, विकेट स्टंप और पानी टंकी से पानी निकालने वाले लोहे के पाइप जैसी वस्तुओं से भी पिटाई की।
मारपीट और वायरल वीडियो
मारपीट की घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कुछ युवक जमीन पर गिर गए हैं और उन पर लगातार लात‑घूंसे और डंडों से वार किए जा रहे हैं, जबकि आसपास अफरा‑तफरी का माहौल है।
वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड होते ही तेजी से वायरल हो गया और स्थानीय व्हाट्सऐप ग्रुप, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम रील्स पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने इसे खुलेआम गुंडागर्दी बताते हुए सवाल उठाया कि बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इतनी देर तक मारपीट होती रही और कोई पुलिस मौके पर क्यों नहीं पहुंची।
अंबिकापुर का बस स्टैंड शहर का सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाका माना जाता है, जहां दिन‑भर सैकड़ों बसें और हजारों यात्री आते‑जाते हैं। ऐसे क्षेत्र में शराब दुकान और उसके बगल में अवैध चखना दुकान संचालन को लेकर पहले भी स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी।
गंगापुर से जिस सरकारी शराब दुकान को विरोध के बाद हटाया गया था, उसे ही न्यू बस स्टैंड परिसर में शिफ्ट किया गया, जिस पर लोगों ने शुरू से ही नाराजगी जताई थी। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड के आसपास शराब दुकान और अवैध खाने‑पीने के ठियों के चलते आए दिन माहौल बिगड़ता है, झगड़े‑फसाद और छेड़खानी की आशंका बनी रहती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मारपीट की घटना बस स्टैंड चौकी क्षेत्र में हुई, फिर भी घटना के दौरान न तो चौकी पुलिस पहुंची, न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल मौके पर देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखकर पूछा कि जब शहर का सबसे व्यस्त क्षेत्र ही सुरक्षित नहीं, तो आम लोग भरोसा किस पर करें।
विरोध तेज होते देख पुलिस ने कहा कि वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के फ्रेम्स का मिलान कर मारपीट में शामिल कर्मचारियों और अन्य युवकों की पहचान की जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों और आम यात्रियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड परिसर में चल रही सभी अवैध चखना और बिरयानी दुकानों पर तुरंत रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि शराब दुकान से जुड़े ये अवैध ठेले‑दुकानें ही झगड़ों की जड़ बन जाते हैं, जहां देर रात तक भीड़ और नशे में धुत लोगों का जमावड़ा लगा रहता है।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विभाग की शह पर ही ये दुकानें फल‑फूल रही हैं, तभी खुलेआम मारपीट जैसी घटना के बाद भी तुरंत सीलिंग या बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई। सोशल मीडिया पर कई युवाओं ने टैग कर जिला कलेक्टर, एसपी और आबकारी विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
Liquor store employees brutally beat customers in Ambikapur
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ती हिंसा और शराब दुकानों के आसपास बनने वाले आपराधिक माहौल पर प्रशासन की पकड़ कितनी कमजोर हो चुकी है। विशेषज्ञों का मत है कि बस स्टैंड, स्कूल‑कॉलेज और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब दुकानें न खोलने की नीति सिर्फ कागजों में नहीं, जमीनी स्तर पर भी लागू होनी चाहिए।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा है कि यदि समय रहते शराब दुकान को बस स्टैंड से हटाने और अवैध चखना दुकानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो शहर‑स्तरीय आंदोलन छेड़ा जाएगा। वहीं, यात्रियों और आम नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि वायरल वीडियो को प्रमाण मानते हुए दोषियों पर कड़ी धाराओं में केस दर्ज कर उदाहरण पेश किया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गुंडागर्दी करने से पहले सौ बार सोचे।
यह भी पढ़ें-अंबिकापुर ब्लड सेंटर को रक्त घटक निर्माण व उपयोग की मिली आधिकारिक स्वीकृति