Legal awareness camp in Ambikapur on Children’s Day: सरगुजा:अंबिकापुर।14 नवंबर, बाल दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। के.एल. चरयाणी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरगुजा के मार्गदर्शन में शिविर का संचालन किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में विधिक चेतना का संचार करना तथा उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना था। बच्चों को बाल अधिकारों की जानकारी देते हुए शिक्षा, सुरक्षा, बाल श्रम निषेध, बाल विवाह निषेध जैसे महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही बच्चों को उनकी सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबर और कानूनी सहायता की तरफ भी मार्गदर्शन दिया गया।
शिविर में स्कूल के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यशालाओं, संवाद सत्र, प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों व समाज में सही भूमिका के बारे में शिक्षित किया गया। बच्चों ने विधिक सेवा अधिकारियों से सवाल पूछे और विभिन्न कानूनी मामलों की समझ प्राप्त की। वहीं, खेलकूद और कला प्रतियोगिताओं के माध्यम से उनके रचनात्मक कौशल को बढ़ावा दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित , बच्चों को बताया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम, बाल विवाह जैसी कुरीतियों से बच्चों को बचाना और कानूनी सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहें और किसी भी अनुचित घटना के खिलाफ साहस पूर्वक आवाज उठाएं।
Legal awareness camp in Ambikapur on Children’s Day
आखिर में बच्चों को अपने अधिकारों को पहचानने और उनका संरक्षण करने की शपथ दिलाई गई। बच्चों ने कहा कि वे न सिर्फ स्वयं जागरूक रहेंगे बल्कि अपने परिवार और समाज में भी बाल अधिकारों की रक्षा के प्रति संदेश फैलाएंगे। इस कार्यक्रम ने बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता में वृद्धि करने का काम किया, जो उनके उज्जवल भविष्य के लिए आवश्यक है।
अंबिकापुर में बाल दिवस के अवसर पर आयोजित यह विधिक जागरूकता शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। ऐसे आयोजन बच्चों को कानूनी ज्ञान देने के साथ ही उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में सहायक होते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो सकेगा।
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