Khairwar community holds road blockade to protest Lutti Dam accident demands compensation and jobs: बलरामपुर: बलरामपुर जिले के लुत्ती डेम हादसे को लेकर खैरवार समाज ने एनएच-343 को लगभग एक घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान समाज के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ कड़े नारे लगाए। उन्होंने डेम हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
Khairwar community holds road blockade to protest Lutti Dam accident demands compensation and jobs
हादसे में जान गंवाने वाले परिवार में 50 लाख रुपये और घायल परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की बात भी लोगों ने उठाई। पीड़ित परिवार के लिए न्याय और सहारा चाहते हुए लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई।
यह हादसा तब हुआ जब भारी बारिश के कारण लगभग 43 साल पुराना लुत्ती बांध टूट गया। बांध टूटने से तीन घरों के सात लोग तेज बहाव में बह गए। इनमें से चार लोग मारे गए, और तीन अभी भी लापता हैं। मृतकों में तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं।
प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में लगी हैं। पीड़ितों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि बांध के टूटने की शिकायतें पहले भी प्रशासन को दी जा चुकी थीं, पर शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बांध की मरम्मत के लिए अस्थायी रूप से रेत की बोरी डाली गई थी, जो भारी बारिश में विफल हो गई। इस लापरवाही का खामियाजा इस दर्दनाक हादसे के रूप में उन्हें भुगतना पड़ा।
खैरवार समाज के लोगों ने इस हादसे पर गहरा रोष जाहिर किया। उनका कहना है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, वे चाहते हैं कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को शिक्षा के आधार पर सरकारी नौकरी भी दी जाए।
इस हादसे ने स्थानीय लोगों के जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई परिवारों का जीवन तबाह हो चुका है और वे अब सरकार से मनोवैज्ञानिक तथा आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं।
सरकारी अधिकारी राहत कार्यों में जुटे हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही को लेकर काफी नाराज हैं।
यह घटना प्रशासन की कार्यशैली और संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करती है। इस कारण समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है और खैरवार समाज ने अपनी मांगों के समर्थन में एनएच-343 रोड पर चक्काजाम कर विरोध जताया है।
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे को किस तरह संबोधित करती है और पीड़ितों को न्याय तथा राहत मिलती है या नहीं।
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