अंबिकापुर में पीलिया प्रकोप: पुराने रबर चप्पलों से जोड़े पाइपों से दूषित पानी, 42 मरीज प्रभावित : Jaundice outbreak in Ambikapur

Uday Diwakar
3 Min Read

Jaundice outbreak in Ambikapur: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में पीलिया के प्रकोप ने जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभावित वार्डों में निरीक्षण के दौरान रहवासियों ने खुलासा किया कि टूटे पाइपलाइनों को अस्थायी रूप से पुराने रबर चप्पलों, प्लास्टिक और तारों से जोड़ा गया था। इसी खराब जोड़ से नालियों का दूषित पानी पेयजल लाइन में घुस गया, जिससे आसपास के घरों में सबसे अधिक मरीज सामने आए। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने वार्ड 40, नवागढ़, मोमिनपुरा और कुंदा वार्डों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।​​

स्वास्थ्य विभाग ने 42 नए पीलिया पीड़ितों की पहचान की, जिससे कुल संख्या 100 से अधिक हो गई। जिला अस्पताल, नवागढ़ स्वास्थ्य केंद्र और निजी क्लिनिकों में मरीज भर्ती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पीएस मार्को ने बताया कि लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और पीलिया के चिह्न प्रमुख हैं। ई-कोली बैक्टीरिया पानी के सैंपलों में पाए गए, जो हेपेटाइटिस ए का कारण बने। “हमने माइक्रोबायोलॉजी लैब से 20 सैंपल जांचे, 14 पॉजिटिव आए,” उन्होंने कहा।​

नगर निगम पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। रहवासी मीना देवी ने कहा, “पाइप फूटा था, निगम वाले आए और चप्पल से बांध दिया। अगले दिन ही पानी पीला हो गया।” फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें चप्पल से जुड़े पाइप दिख रहे हैं। शफी अहमद ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें स्थायी मरम्मत, क्लोरीनेशन और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “यह आपराधिक लापरवाही है, रमजान में स्थिति बिगड़ सकती है।”​

नगर निगम आयुक्त ने सफाई दी कि मरम्मत अस्थायी थी, क्योंकि पार्ट्स की कमी थी। लेकिन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने नया बयान जारी कर कहा कि चप्पल का इस्तेमाल नहीं हुआ, बल्कि रबर पैच का उपयोग किया गया। फिर भी, सैंपलिंग से दूषित पानी की पुष्टि हुई। कलेक्टर ने इमरजेंसी बैठक बुलाई, जिसमें टैंकर से शुद्ध पानी सप्लाई, स्वास्थ्य शिविर और पाइपलाइन की पूरी जांच के आदेश दिए। 10 टीमों ने प्रभावित इलाकों में क्लोरीन टैबलेट बांटी।​

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

Jaundice outbreak in Ambikapur

पिछले वर्ष भी अंबिकापुर में पीलिया फैला था, लेकिन इस बार स्केल बड़ा है। मानसून के बाद पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गईं, जो अनदेखी का शिकार रहीं। जिला महामारी नियंत्रण कक्ष सक्रिय है। एनजीओ ने फिल्टर वितरित किए। ग्रामीणों ने उबालकर पानी पीने की सलाह दी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच का इंतजार है। प्रशासन ने चेतावनी दी कि लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी। यह घटना जल स्वच्छता पर सबक है।

यह भी पढ़ें-सरगुजा में MLT प्रकोष्ठ की संभागीय बैठक: CRMC, जोखिम भत्ता व पदनाम परिवर्तन पर चर्चा

Share This Article
Leave a Comment