International conference “Recent Advances in Biological Sciences 2025” launched: सरगुजा: राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर में विज्ञान जगत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्राणी शास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र विभाग द्वारा दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “Recent Advances in Biological Sciences 2025” का शुभारंभ हुआ है। यह सम्मेलन महाविद्यालय की स्वशासी योजना के तहत प्राप्त अनुसंधान अनुदान एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जीव विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोधों और उनकी पर्यावरण एवं मानव सभ्यता पर उपयोगिता को साझा करना है।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जैव विज्ञान के विविध पहलुओं जैसे प्राणी शास्त्र, वनस्पति शास्त्र, जैव प्रौद्योगिकी, जीवाणु विज्ञान, जैव रसायन विज्ञान आदि विषयों पर शोध प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन का मकसद जीवन विज्ञान क्षेत्र में हो रहे नए शोधों को एक साझा मंच प्रदान कर उनका वैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व समझना और चर्चा करना है। इससे शोधकर्ताओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा, नए शोध क्षेत्रों की पहचान होगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
यह कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य शैक्षणिक केंद्रों से आए हुए वैज्ञानिक, शोधकर्ता, और विद्वान हिस्सा ले रहे हैं। महाविद्यालय के प्राणी शास्त्र एवं वनस्पति शास्त्र विभाग के संयोजन में इस सम्मेलन को आयोजित किया गया है। यह स्थापना महाविद्यालय की स्वशासी योजना के अनुदान के साथ-साथ छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की वित्तीय एवं तकनीकी सहायता से संभव हुआ है।
सम्मेलन में शोधार्थियों को अपने नवीनतम अनुसंधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों और युवा वैज्ञानिकों में नवप्रवर्तन की भावना प्रबल होगी। साथ ही, यह कार्यक्रम शोधकर्ताओं को अपने कार्य की राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने का भी अवसर प्रदान करता है।
स्वशासी योजना के तहत महाविद्यालय को अनुसन्धान तथा अकादमिक गतिविधियों के लिए अनुदान प्राप्त होता है, जो इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने में सहायक होता है। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद जीव विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करती है, जिससे क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक उन्नति को बढ़ावा मिलता है।
International conference “Recent Advances in Biological Sciences 2025” launched
कॉन्फ्रेंस के दौरान जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण, सूक्ष्म जीव विज्ञान, आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी तकनीकें, जीवविज्ञान और पर्यावरणीय स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विभिन्न सत्रों में इम्युनोलॉजी, जीनोमिक्स, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, वनस्पति एवं प्राणी शास्त्र के क्षेत्र में उभरते हुए नए शोध और उनकी संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।
यह सम्मेलन न केवल शैक्षणिक बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान हेतु वैज्ञानिक अनुशीलन को बढ़ावा देने वाला मंच है।
इस सम्मेलन में भाग लेने वाले युवा शोधकर्ताओं को अपने शोध को प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलेग, जो उनकी वैज्ञानिक क्षमताओं को निखारने का अवसर होगा। सम्मेलन में विभिन्न प्रतियोगिताओं, पोस्टर प्रस्तुतियों और सत्रों के द्वारा युवा वैज्ञानिकों को पहचान मिलेगी एवं उन्हें प्रोत्साहन भी मिलेगा।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह स्थानीय शोधकर्ताओं और छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। इससे छत्तीसगढ़ में जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा और गहन अनुसंधान की सम्भावनाएं बढ़ेंगी।
सम्मेलन के मुख्य विषयों में से एक पर्यावरण संरक्षण और मानव सभ्यता पर जीव विज्ञान के शोधों के प्रभाव पर भी होगा। यह पहल प्राकृतिक संसाधनों के स्थायी उपयोग और संरक्षण के लिए नवीन उपाय प्रस्तावित करने में मददगार होगी। वैज्ञानिक शोधों के माध्यम से पर्यावरणीय चेतना बढ़ाने के साथ-साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने के उपायों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर द्वारा आयोजित यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन महाविद्यालय की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने का भी माध्यम है। इससे महाविद्यालय में शोध एवं प्रगति की बदलती दिशा और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का परिचय भी मिलता है।
“Recent Advances in Biological Sciences 2025” अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन जीव विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधान और नवाचारों को साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसका उद्देश्य जीव विज्ञान के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने वाले शोधों को उजागर करना है। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और अगले स्तर की वैज्ञानिक खोजों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।
इस तरह के सम्मेलन से विज्ञान के क्षेत्र में नए शोध, सहयोग और नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा, जो अंत में सामाजिक और पर्यावरणीय हितों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।
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