Illegal Sale of Mahua Liquor in Darri Para: सरगुजा : अंबिकापुर में आबकारी उड़नदस्ता टीम ने दर्री पारा इलाके में अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने सरस्वती साहू के घर से 21 लीटर महुआ शराब जब्त की और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई, जिसमें आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने नेतृत्व दिया। इस छापेमारी में महुआ शराब बनाने और बेचने का पता चला।
Illegal Sale of Mahua Liquor in Darri Para
महुआ शराब छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में परंपरागत शराब के रूप में जानी जाती है, लेकिन इसका गैरकानूनी उत्पादन और विक्रय स्वास्थ्य और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न करता है। ऐसे अवैध कारोबार को रोकने के लिए आबकारी विभाग कड़ी मेहनत कर रहा है। इस प्रकरण में आरोपी महिला के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगी है। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अवैध शराब बेचने वाले लोगों की सूचना तुरंत दें ताकि और कार्रवाई की जा सके। आबकारी अधिकारी ने कहा कि टीम अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई करेगी।
पिछले कुछ महीनों में भी आबकारी विभाग ने कई छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। इसका मकसद स्थानीय जनता को शराब के दुष्प्रभाव से बचाना और कानून के लागू करने में सख्ती दिखाना है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में शराब से जुड़ी कई सामाजिक समस्याओं में कमी आई है।
आबकारी विभाग ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जनता का सहयोग बहुत जरूरी होता है। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे अवैध शराब कारोबार की जानकारी विभाग को दें। इससे कानून व्यवस्था मजबूत बनेगी और अवैध गतिविधियों पर काबू पाया जा सकेगा।
सरकार के निर्देशानुसार विभाग ने आने वाले दिनों में अवैध शराब के खिलाफ कड़े अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसमें जागरूकता कार्यक्रम, कठोर कानूनी कार्रवाई और सख्त निगरानी शामिल होगी। आबकारी टीम ने लोगों से सहयोग की उम्मीद जताई है ताकि समाज को नशे से मुक्त किया जा सके।
यह कार्रवाई समाज में सुधार लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। विभाग का उद्देश्य स्वस्थ और सुरक्षित समाज बनाना है, जहां कोई अवैध शराब कारोबार न कर सके। आबकारी अधिकारी और पुलिस प्रशासन मिलकर इस मुठभेड़ को जारी रखेंगे।
यह भी पढ़ें:- सक्ती जिला अस्पताल में करोड़ों की दवाओं का कचरे में गिरना और गरीबों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला