Hunting of 9 Rare Giant Squirrels Revealed in Dantewada: दंतेवाड़ा। इंस्टाग्राम रील ने यहां वन्यजीव अवैध शिकार के एक दर्दनाक राज को खोल डाला। वन विभाग की जांच में साफ हुआ कि दंतेवाड़ा जिले के एक जंगली इलाके में 9 दुर्लभ भारतीय विशाल गिलहरियों (Indian Giant Squirrel) का अवैध रूप से शिकार किया गया, जिसका खुलासा एक व्यक्ति की खुद की इंस्टाग्राम पोस्ट से हुआ। वन विभाग ने इस मामले में संलिप्त आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और एक 11 सदस्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया है।
इंस्टाग्राम रील से खुला राज
सूत्रों के अनुसार, एक युवक ने अपने घर के पास इकट्ठी की गई 9 मृत विशाल गिलहरियों की तस्वीरें और वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर दिए, जिसे “ट्रोफी” की तरह प्रदर्शित किया गया। यह रील वन्यजीव संरक्षण के लिए सक्रिय लोगों तक पहुंची, जिन्होंने तुरंत दंतेवाड़ा वन विभाग को जानकारी दे दी। स्थानीय वन अधिकारियों ने इस रील के आधार पर जांच शुरू कर आरोपी की पहचान कर ली और उसके घर व आसपास के इलाके में छापेमारी की।

जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी ने जंगल में जाल, धागा या अन्य साधनों से विशाल गिलहरियों को फंसाकर मारा था और फिर उनकी लाशों को ले आया था। इनमें से कुछ गिलहरियों की त्वचा भी कटी हुई अवस्था में बरामद हुई, जिससे यह संदेह हो गया कि इन्हें अवैध काले बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी , पहले ही बेची जा चुकी थीं। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि भारतीय विशाल गिलहरी प्रजाति संरक्षित श्रेणी में आती है और इनका शिकार कानून के तहत सख्ती से प्रतिबंधित है।
वन विभाग की टीम ने जांच के दौरान आरोपी को घर से गिरफ्तार कर लिया और उसके जब्त हथियार, शिकार उपकरण और शेष बचे गिलहरियों के अवशेष को भी सीज कर लिया। आरोपी से पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह शिकार अकेले उसके द्वारा नहीं किया गया, बल्कि एक 11 सदस्यीय गिरोह इसमें शामिल था, जो दंतेवाड़ा जैसे घने जंगलों में जाकर विरल प्रजातियों का अवैध शिकार कर शहरी अवैध बाजारों में बेचता था।
इस गिरोह के कुछ सदस्य पहले से वन विभाग की निगरानी में थे और अन्य वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में संदिग्ध रहे हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि इंस्टाग्राम रील ने न केवल इस एक घटना का खुलासा किया, बल्कि पूरे गिरोह की गतिविधियों को उजागर करने में भी मदद की। अब पुलिस और वन विभाग मिलकर इन सभी 11 लोगों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की संभावना है।
Hunting of 9 Rare Giant Squirrels Revealed in Dantewada
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भारतीय विशाल गिलहरी जैसी संरक्षित प्रजातियों का शिकार, खरीद‑बिक्री या तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम के साथ कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें विशाल गिलहरियों के अवशेष और शिकार उपकरण भी सबूत के रूप में रखे गए हैं। इस मामले में अगर गिरोह तक पकड़ा जाता है तो उन्हें लंबी जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि दंतेवाड़ा जैसे जंगली इलाकों में विशाल गिलहरी न केवल दुर्लभ है, बल्कि इकोसिस्टम के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये पेड़ों के बीज फैलाकर जंगल के पुनर्जनन में योगदान देती हैं। इनके शिकार से न केवल प्रजाति खतरे में पड़ती है, बल्कि जैव विविधता पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। इस मामले ने यह भी उजागर किया है कि आधुनिक सोशल मीडिया की तरकीब से वन्यजीव अपराधियों की आत्मकेंद्रित पोस्टें खुद ही उनके खिलाफ बड़ा सबूत बन सकती हैं।
वन विभाग ने आगे भी ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए जंगलों में निगरानी बढ़ाने, ग्रामीणों को जागरूक करने और शिकायतें जल्द आधारित एप‑प्लेटफॉर्म से जुड़ी करने की बात कही है। यह मामला दंतेवाड़ा के लिए चेतावनी बन कर सामने आया है कि वन्यजीव अपराधों को अब इंटरनेट पर “विज़ुअल ब्रैगिंग” के रूप में दिखाया जाना भी उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें- अंबिकापुर–बिलासपुर हाईवे पर पुलिस लापरवाही से दो जानें गईं , ग्रामीणों ने किया चक्काजाम








