Heavy Destruction due to Cloudburst in Doda Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी है। मंगलवार सुबह अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा में तेज पानी की बाढ़ ने 10 से अधिक मकानों को बहा दिया, जबकि कई मकान और संरचनाएं गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस घटना से इलाके में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भयभीत हैं और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

Heavy Destruction due to Cloudburst in Doda Jammu and Kashmir
बारिश इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का अवसर भी नहीं मिला और वे अपने घर छोड़ ऊंचे सुरक्षित इलाकों की ओर भागे। पानी के साथ आने वाला मलबा, पत्थर और कीचड़ मकानों को पूरी तरह विध्वंसित कर गए। हालांकि अभी तक मृतकों की संख्या चार बताई जा रही है, लेकिन राहत कार्यों के दौरान और क्षति की संभावना को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
डोडा जिले की प्रमुख नदियाँ जैसे तवी, ऊज, बसंतर और चिनाब उफान पर हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति और विकट हो गई है। भूस्खलन और मलबे के कारण कई मुख्य संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गए हैं, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी-नालों के किनारे न रहने की चेतावनी दी है।

डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित इलाकों में आपात स्थिति घोषित कर दी है और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें मौके पर सक्रिय हैं। प्रभावित परिवारों को निकट के आश्रयों में स्थानांतरित किया जा रहा है और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ की वजह से स्कूल भवन सहित कई संस्थानों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और फिर से आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए तत्पर है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तकनीकी इंतजाम और पूर्व चेतावनी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

केंद्रीय और राज्य सरकार के मंत्रियों ने भी डोडा के इस प्राकृतिक आपदा पर चिंता जताई है और प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है। कई सामाजिक संगठनों ने राहत कार्यों में योगदान देने का आह्वान किया है।
इस बादल फटने की घटना ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं, जिससे सतत आपदा प्रबंधन की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश और बादल फटने की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
डोडा जिले की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सभी स्तरों पर त्वरित और संगठित प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि जनजीवन को कम से कम नुकसान पहुंचाया जा सके।
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