Grand unity march was organised in Ambikapur on the 150th birth anniversary of Sardar Patel: सरगुजा:अंबिकापुर। देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को मनाने हेतु अंबिकापुर में शानदार यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। इस अवसर ने शहर को एकता, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक सहभागिता के संदेश से सराबोर कर दिया। हजारों आम नागरिक, स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस आयोजन का हिस्सा बने, जिन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को खुद में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
यूनिटी मार्च की शुरुआत अंबिकापुर के ऐतिहासिक राम मंदिर प्रांगण से हुई, जहाँ सुबह से ही बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित होने लगे। यहां जनसभा के दौरान वक्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन पर प्रकाश डाला और देश की एकता, अखंडता के लिए उनका योगदान बताया। लोग तिरंगे झंडे, बैनर और सरदार पटेल की तस्वीरों के साथ राष्ट्रगान गाते हुए यात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम को औपचारिक तौर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ किया।
राम मंदिर से यात्रा शासकीय मल्टीपरपज स्कूल पहुंची, जहाँ विशेषतः विद्यार्थियों के लिए जनसभा आयोजित की गई। युवा वक्ताओं ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका का उल्लेख किया। छात्रों ने देशभक्ति गीतों, भाषण और नृत्य प्रस्तुतियों से माहौल को विद्यायमान किया। छात्राओं ने एकता की मानव श्रृंखला बनाकर ‘एक राष्ट्र, एक आवाज’ का उद्घोष किया, जिससे लोगों में उमंग और गर्व की भावना जागृत हुई।
यह यात्रा शंकरघाट शिव मंदिर तक पहुँची, जहाँ सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता अभियान चला। नागरिकों ने श्रमदान कर परिसर और आसपास की सफाई की, जिससे ‘स्वच्छ भारत, सशक्त भारत’ का संदेश प्रसारित हुआ।
इसके बाद यात्रा ने शासकीय माध्यमिक शाला असोला में पड़ाव लिया, यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित हुई। विद्यार्थियों ने एकता, स्वच्छता और राष्ट्रप्रेम की झांकियाँ प्रस्तुत कीं। जनसभा में वक्ताओं ने सरदार पटेल के कार्यों—रियासतों के विलय, बारडोली सत्याग्रह, राष्ट्रीय एकता—का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी को उनके पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा दी।
यात्रा का अंतिम पड़ाव परसा गाँव रहा, जहाँ परसा मोड़ पर पारंपरिक धान कटाई कार्यक्रम आयोजित हुआ—इससे स्थानीयता, कृषि और समाज के जुड़ाव का प्रतीक जीवंत हुआ। शिव मंदिर परसा में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत प्रमुख अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा पौधरोपण किया गया—इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अभिभावकों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को प्रदर्शित किया।
Grand unity march was organised in Ambikapur on the 150th birth anniversary of Sardar Patel
कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापक तैयारी की थी। बैठक में कलेक्टर विलास भोसकर ने सभी विभागों को आपसी सहयोग से कार्य करने हेतु निर्देशित किया। सुरक्षा, यातायात और अनुशासन की जिम्मेदारी पुलिस विभाग ने संभाली। जिले के कलेक्टर, महापौर एवं पुलिस अधीक्षक ने जनता से उत्साहपूर्वक, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
पूरा कार्यक्रम विविध गतिविधियों से भी भरा रहा—वाद-विवाद, निबंध, कला, पोस्टर प्रतियोगिताएँ, स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान। विषयों में सरदार पटेल के बारडोली सत्याग्रह, उपाधि की पृष्ठभूमि, 565 रियासतों का एकीकरण, और प्रेरक प्रसंग प्रमुख रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत किया और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों के उत्तरदायित्व को रेखांकित किया।
यूनिटी मार्च के दौरान नागरिकों ने ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों पर माल्यार्पण किया। बच्चों, युवाओं, समाजसेवियों द्वारा राष्ट्रगान, देशभक्ति गीत और नृत्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। जनप्रतिनिधियों ने मंच से घोषणा की—“सरदार पटेल के विचारों व आदर्शों को हर नागरिक तक पहुँचाएंगे और एकता तथा राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करेंगे।” यहाँ उपस्थित लोगों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ के तहत एकता दौड़ लगाकर संकल्प लिया कि वे अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखेंगे।
खास बात यह रही कि कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी स्थान दिया गया। लोकनृत्य, समूह गीत, काव्यपाठ, पारंपरिक वेशभूषा की रंगत ने आयोजन को क्षेत्रीयता से जोड़ दिया। उपस्थित जनसमूह ने इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने का संकल्प लिया।
यात्रा और विविध गतिविधियों के बाद कार्यक्रम का समापन शासकीय माध्यमिक शाला परसा में सामूहिक भोजन और रात्रि विश्राम के साथ हुआ। आयोजन समिति और प्रशासन ने पूरी व्यवस्था को सुचारू एवं अनुशासित ढंग से संचालित किया। नागरिकों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों ने सरदार पटेल के जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
इस प्रकार, सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अंबिकापुर का यूनिटी मार्च न केवल स्मरणीय बना, बल्कि क्षेत्र को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सेवा भाव के अभूतपूर्व संदेश से भर गया। आयोजन के बीच प्रेरणा, सहभागिता, अनुशासन और सामाजिक दायित्व जैसे मूल तत्व पूरी तरह उजागर हुए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को सरदार पटेल की विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने की सीख मिली।
ऐसे आयोजन स्थानीय नागरिकों को नई ऊर्जा, देशप्रेम और समाज सेवा की भावना से जोड़ते हैं। अंबिकापुर के नागरिकों ने सरदार पटेल के आदर्शों को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लिया, जो भविष्य के भारत के लिए प्रेरणादायक है।
यह भी पढ़ें-श्री पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है कि संभागायुक्त कार्यालय सरगुजा में जनसूचना अधिकारी एवं अपीलीय अधिकारी की जिम्मेदारियों पर सवाल—क्या दोनों पद एक ही व्यक्ति के पास हैं?