Government Land of Sattipara Pond: अंबिकापुर: अंबिकापुर के नेहरू वार्ड में स्थित सत्तीपारा तालाब के पास सरकारी जमीन पर बने अवैध मकान को हटाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम बुधवार को पहुंची थी, क्योंकि हाईकोर्ट ने इस अवैध कब्जे को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन जब प्रशासनिक टीम वहां कार्रवाई करने आई, तो स्थानीय लोगों और नेताओं ने इसका जोरदार विरोध किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी।
Government Land of Sattipara Pond प्रशासन की ओर से पहले मकान मालिक को तुरंत घर खाली करने के लिए कहा
प्रशासन की ओर से पहले मकान मालिक को तुरंत घर खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन कांग्रेस नेता आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने फैसला लिया कि अब कब्जाधारी को 30 मई 2025 तक का समय दिया जाएगा, ताकि वह खुद से मकान खाली कर सके, वरना इसके बाद प्रशासन जबरन मकान हटाने की कार्रवाई करेगा।
इस पूरी घटना के बाद अंबिकापुर शहर और आसपास के इलाकों में सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है और लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि सरकारी जमीनों पर कब्जा करना कानून के खिलाफ है, इसलिए प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि अब आगे से ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी सरकारी जमीन पर कब्जा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी जमीन पर कब्जा न करें और अगर किसी ने कब्जा किया है तो समय रहते खुद ही हटा लें, ताकि शहर का विकास बिना किसी रुकावट के हो सके, क्योंकि प्रशासन का कहना है कि अगर कब्जा नहीं हटाया गया तो तय समय के बाद वे खुद कार्रवाई करेंगे और अवैध निर्माण को हटा देंगे।
इस तरह, फिलहाल प्रशासन ने 30 मई तक का समय दिया है और अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या कब्जाधारी खुद से मकान खाली करेंगे या प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।
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