Gambling kingpin Deep Sinha’s illegal business busted in Ambikapur: सरगुजा:अंबिकापुर ।छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सरगुजा पुलिस ने अवैध सट्टेबाजी के सिंडिकेट को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। कथित ‘सट्टा किंग’ आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा की दो दिनों की पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है। इस दौरान गहन पूछताछ में पुलिस ने उसके देशव्यापी नेटवर्क, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और फर्जी बैंक खातों की कई परतें खोल दी हैं।
13 मई 2024 को कोतवाली पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि सतीपारा शिव मंदिर के पास दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ पहलू और शुभम केशरी स्काई एक्सचेंज ऐप से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। छापेमारी में तीनों हिरासत में लिए गए, उनके पास ऐपल आईफोन-15 और सट्टे के साक्ष्य बरामद हुए। पुलिस ने छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 के तहत उन्हें जेल भेजा। आगे जांच में 300 फर्जी बैंक खाते खुलवाने, आधार कार्डों का दुरुपयोग पाया गया। धारा 467, 468, 471, 120(बी) एवं आईटी एक्ट 66(सी), 66(डी) जोड़ी गईं।
दीप सिन्हा लंबे समय फरार था, कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया। एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर नगर एसपी राहुल बंसल की संयुक्त टीम ने 19 जनवरी को पुणे एयरपोर्ट से उसे दबोचा। पुणे से अंबिकापुर लाकर रिमांड ली गई।
रिमांड में चौंकाने वाले खुलासे
रिमांड के 48 घंटों में दीप सिन्हा ने कबूल किया कि वह अंबिकापुर से देशभर में क्रिकेट सट्टा संचालित करता था। स्काई एक्सचेंज ऐप से मास्टर आईडी बांटकर सटोरियों को जोड़ता, करोड़ों का हेरफेर होता। फर्जी खातों से लेन-देन, बेनामी संपत्तियां खड़ी कीं। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट ट्रैक कर रही, साइबर टीम सक्रिय। उसके ठिकानों पर सर्च में नगदी, प्रॉपर्टी दस्तावेज बरामद, परिवार फरार।
पुलिस बेनामी संपत्ति अटैच करने की तैयारी में। अन्य आरोपी ऋतिक मंदिलवार उर्फ बमफोड़, नितिन यादव, ध्रुवील पटेल, मुकेश त्रिपाठी, सत्यम केशरी पहले गिरफ्तार।
Gambling kingpin Deep Sinha’s illegal business busted in Ambikapur
नगर एसपी ने कहा, “सट्टेबाजी से युवा भटक रहे, नशे की लत लग रही। हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा।” एसएसपी अग्रवाल बोले, “डिजिटल अपराध पर शिकंजा कसेंगे।” अंबिकापुर में युवा उड़ान 2026 जैसे कार्यक्रमों के बीच यह कार्रवाई सराहनीय।
सरगुजा में सट्टेबाजी ने परिवार बर्बाद किए। दीप सिन्हा नेहरू वार्ड सतीपारा का निवासी, पिता स्व. त्रिभुवन प्रसाद सिन्हा। उसके नेटवर्क से राज्यभर प्रभावित। पुलिस अन्य राज्यों से डेटा मांग रही।
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