राज्य के सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह से आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू होगी : Fully Aadhaar-based biometric attendance system to be implemented in state government offices

Uday Diwakar
3 Min Read

Fully Aadhaar-based biometric attendance system to be implemented in state government offices: सरगुजा:​​​अंबिकापुर।​राज्य के सरकारी कार्यालयों में पूरी तरह से आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण और आधुनिकीकृत कदम उठाया है। इस योजना के तहत सभी मंत्रालयों, संचालनालयों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (Aadhaar Enabled Biometric Attendance System – AEBAS) को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता, समयपालन, कार्यकुशलता और जवाबदेही को मजबूती प्रदान करना है।

- Advertisement -
Website Designer in AmbikapurWebsite Designer in Ambikapur

image 36

योजना के मुख्य बिंदु

  • इस प्रणाली को पहले मंत्रालय के महानदी भवन और इन्द्रावती भवन में लागू किया जाएगा, जहाँ कर्मचारियों की उपस्थिति आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपकरण या मोबाइल ऐप के जरिए फेसियल ऑथेंटिकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी।
  • कर्मचारियों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी—प्रवेश (IN) और प्रस्थान (OUT) के समय।
  • 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालयों में यह उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य होगी, जबकि 1 जनवरी 2026 से इसे सभी संचालनालयों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा।
  • सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने उपयुक्त बायोमेट्रिक उपकरण सभी प्रवेश द्वारों पर स्थापित कर दिए हैं और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
  • उपस्थिति प्रणाली का उपयोग सुविधाजनक और सुरक्षित दोनों रूपों में किया जाएगा ताकि कोई भी कर्मचारी अपनी सुविधानुसार इसका लाभ उठा सके।

Fully Aadhaar-based biometric attendance system to be implemented in state government offices

यह प्रणाली न केवल कर्मचारियों के समयपालन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता को भी बढ़ावा देगी। इससे सरकारी कार्यालयों में अनुशासन की संस्कृति मजबूत होगी और उपस्थिति के भ्रामक अभिलेखों की स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, डिजिटल और पारदर्शी उपस्थिति रिकॉर्ड के जरिए कार्यालयों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया है और सभी कर्मचारियों से पूरी जवाबदेही और कड़ाई से समयपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखी है। यह कदम छत्तीसगढ़ सरकार की आधुनिक प्रशासनिक सुधार योजनाओं का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एक तकनीक-आधारित, पारदर्शी, और कुशल शासन प्रणाली स्थापित करना है।

इस प्रकार, आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से छत्तीसगढ़ के सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी, जो समग्र प्रशासनिक सुधारों को और गति देगी।

यह भी पढ़ें-छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र की सत्यता जांच के लिए नई हलचल

Share This Article
Leave a Comment