15 अगस्त 1947 से 2025 तक: आज़ादी का सफ़र ,भारत की आज़ादी का इतिहास और महत्व : From 15 August 1947 to 2025

Uday Diwakar
2 Min Read

From 15 August 1947 to 2025: सरगुजा : 15 अगस्त भारत का राष्ट्रीय पर्व है, जिसे हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1947 में भारत ने लगभग 200 वर्षों की ब्रिटिश गुलामी से मुक्ति पाई थी। यह दिन हमें उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश को आज़ाद कराने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया।

image 246

From 15 August 1947 to 2025 भारत का स्वतंत्रता संग्राम

ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत में स्वतंत्रता आंदोलन कई दशकों तक चला। महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण आंदोलनों — असहयोग आंदोलन (1920), सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930), भारत छोड़ो आंदोलन (1942) आदि — ने आज़ादी के संघर्ष को नई दिशा दी और अंग्रेज़ी हुकूमत की नींव हिला दी।

image 248

15 अगस्त 1947: आज़ादी का ऐलान

15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दिल्ली के लाल किले पर पहली बार तिरंगा फहराया और ऐतिहासिक “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” (नियति से वादा) भाषण दिया। इसी दिन ब्रिटिश संसद के Indian Independence Act 1947 के तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र देश बने। इस ऐतिहासिक दिन को पूरे देश में परेड, झंडारोहण, गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया।

image 247

विभाजन की पीड़ा

स्वतंत्रता के साथ ही देश का बंटवारा हुआ, जिससे भारत और पाकिस्तान का जन्म हुआ। इस बँटवारे के दौरान करोड़ों लोगों को विस्थापन, हिंसा और दर्द का सामना करना पड़ा। फिर भी, भारत ने गणतंत्र बनने की दिशा में नई शुरुआत की और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव रखी।

15 अगस्त हर साल हमें आज़ादी के महत्व, एकता, लोकतंत्र और अपने देश के प्रति समर्पण की याद दिलाता है। यह दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा सुनाकर उन्हें देशभक्त बनने की प्रेरणा देता है।

यह भी पढ़ें-रामानुजनगर में मासूम की रहस्यमयी मौत, परिजन बोले सर्पदंश, डॉक्टर बोले पीलिया, कब्र से निकाल कर दोबारा जांच

Share This Article
Leave a Comment